2017 के मुकाबले लखनऊ जोन में महिला अपराध घटे, पुलिस का दावा; रेप के मामले 87% और हत्या 58% कम
लखनऊ जोन में महिला अपराधों को लेकर पुलिस ने आंकड़े जारी करते हुए दावा किया है कि वर्ष 2017 की तुलना में मौजूदा समय में महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। पुलिस के अनुसार, जोन में दुष्कर्म के मामलों में 87 प्रतिशत और महिला हत्या के मामलों में करीब 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण के साथ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए कई स्तरों पर काम किया गया है। महिला संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, संवेदनशील मामलों की निगरानी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों को भी बढ़ाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2017 को आधार मानकर की गई तुलना में दुष्कर्म के मामलों में 87 प्रतिशत की कमी सामने आई है। इसी तरह महिलाओं की हत्या के मामलों में भी 58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस इन आंकड़ों को कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराध नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम बता रही है।
महिला अपराधों की शिकायतों पर पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। थानों में महिला हेल्प डेस्क और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के जरिए पीड़िताओं की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही गंभीर अपराधों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों में कानून का भय पैदा करने के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। इसी दिशा में संवेदनशील मामलों में पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
हालांकि, महिला अपराधों के आंकड़ों में कमी के पुलिस के दावे के बीच अपराध की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि आंकड़ों में कमी के बावजूद महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
लखनऊ जोन पुलिस के मुताबिक आने वाले समय में महिला सुरक्षा को और मजबूत करने पर फोकस रहेगा। पुलिस गश्त, शिकायतों की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है। महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।:::

