सिंगापुर में लाखों की सैलरी छोड़ हिमालय के गांव में शिफ्ट हुआ कपल, बोला- मां ने सोच बदल दी
आज के दौर में बड़ी सैलरी, विदेश में नौकरी और आरामदायक जीवन को सफलता से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अच्छी कमाई और शहर की सुविधाओं को पीछे छोड़कर सुकून भरी जिंदगी चुनते हैं। ऐसी ही कहानी एक कपल की है, जिसने सिंगापुर में लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर हिमालय के एक गांव में रहने का फैसला किया। कपल के मुताबिक, इस फैसले के पीछे उनकी मां की कही बातों का बड़ा असर रहा।
कपल ने बताया कि सिंगापुर में उनकी जिंदगी आर्थिक रूप से काफी बेहतर थी। अच्छी नौकरी, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक जीवनशैली के बावजूद उन्हें लगातार महसूस होता था कि जिंदगी में किसी जरूरी चीज की कमी है। काम और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच परिवार और अपने लिए समय निकालना मुश्किल होता जा रहा था।
इसी दौरान परिवार से जुड़ी एक बातचीत ने दोनों की सोच बदल दी। कपल के मुताबिक, उनकी मां ने उन्हें जिंदगी को सिर्फ कमाई और सुविधाओं के नजरिए से देखने के बजाय यह सोचने के लिए कहा कि आखिर वे किस तरह की जिंदगी जीना चाहते हैं। मां की बातों ने दोनों को अपने भविष्य और प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया।
इसके बाद कपल ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने सिंगापुर की नौकरी छोड़कर हिमालय के एक गांव में शिफ्ट होने का निर्णय किया। शहर की तेज रफ्तार जिंदगी से दूर अब उनका रोज का जीवन पहाड़ों, हरियाली, साफ हवा और शांत वातावरण के बीच गुजरता है।
गांव में रहने के बाद उनकी दिनचर्या भी पूरी तरह बदल गई है। जहां पहले काम और ऑफिस के शेड्यूल के हिसाब से दिन चलता था, वहीं अब सुबह का समय प्रकृति के बीच शुरू होता है। स्थानीय लोगों से बातचीत, गांव के काम और आसपास के वातावरण ने उन्हें जिंदगी को नए तरीके से देखने का मौका दिया है।
हालांकि, गांव में शिफ्ट होना पूरी तरह आसान नहीं था। शहर की तरह हर सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं, खरीदारी, इंटरनेट और दूसरी जरूरतों के लिए कई बार अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद कपल का कहना है कि उन्हें जो मानसिक शांति और परिवार के साथ समय मिल रहा है, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कपल ने यह भी महसूस किया कि पहाड़ों में रहने से उनकी जरूरतें पहले के मुकाबले काफी सीमित हो गई हैं। सिंगापुर में जहां ज्यादा कमाई के साथ खर्च और काम का दबाव भी था, वहीं गांव में उन्होंने जीवन की छोटी-छोटी चीजों की अहमियत समझी।
उनकी कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कुछ लोग इसे जिंदगी में प्राथमिकताएं बदलने का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि ऐसी जीवनशैली हर व्यक्ति के लिए अलग अनुभव हो सकती है। आखिरकार शहर छोड़कर गांव में बसने का फैसला व्यक्तिगत परिस्थितियों, आर्थिक स्थिति और जरूरतों पर निर्भर करता है।
कपल के लिए यह बदलाव सिर्फ नौकरी छोड़ने या जगह बदलने का फैसला नहीं था। उनके मुताबिक, यह जिंदगी को देखने का नजरिया बदलने की कोशिश थी। सिंगापुर की लाखों की सैलरी छोड़ हिमालय की वादियों में बसने के पीछे उनका मकसद ज्यादा कमाई के बजाय अपने समय, परिवार और सुकून को प्राथमिकता देना है। और इस बदलाव की शुरुआत उनकी मां की एक ऐसी सीख से हुई, जिसने उन्हें अपनी पूरी जिंदगी के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया।

