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ब्रिटिश भविष्यवक्ता ने दी नई महामारी की चेतावनी, अब रूस में वैज्ञानिक की प्लेग से मौत से मचा हड़कंप

ब्रिटिश भविष्यवक्ता ने दी नई महामारी की चेतावनी, अब रूस में वैज्ञानिक की प्लेग से मौत से मचा हड़कंप

दुनिया अभी कोरोना महामारी के दौर को भूली नहीं है और इसी बीच रूस में एक लैब कर्मचारी की रहस्यमयी मौत ने नई महामारी को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। खास बात यह है कि इस घटना से कुछ दिन पहले ब्रिटेन के कथित ‘प्रॉफेट ऑफ डूम’ क्रेग हैमिल्टन-पार्कर ने एक नई बैक्टीरियल महामारी की भविष्यवाणी की थी। अब सोशल मीडिया पर उनकी चेतावनी को रूस की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, वैज्ञानिक या स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसी किसी कड़ी की पुष्टि नहीं की है।

रूस में 28 साल की लैब कर्मचारी की मौत

रूस के इरकुत्स्क स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 वर्षीय डार्या शिपिलोवा की मौत के बाद मामला सुर्खियों में आया। वह ऐसे संस्थान में काम करती थीं जहां प्लेग और अन्य गंभीर संक्रामक बीमारियों पर शोध किया जाता है।

रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत का कारण फिलहाल ‘अज्ञात कारणों वाला निमोनिया’ बताया गया है। अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि उनकी मौत प्लेग के संक्रमण से हुई थी। उनके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को एहतियात के तौर पर निगरानी और क्वारंटीन में रखा गया था।

क्या लैब में प्लेग का संक्रमण हुआ था?

घटना के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि लैब में काम करते समय प्लेग बैक्टीरिया से जुड़ा हादसा हुआ और कर्मचारी संक्रमित हो गईं। लेकिन रूस की स्वास्थ्य एजेंसी ने ऐसे किसी हादसे के सबूत से इनकार किया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, संपर्क में आए लोगों की जांच में अब तक प्लेग का संक्रमण सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बताया है कि रूस ने इरकुत्स्क में प्लेग के मामलों की पुष्टि नहीं की है।

भविष्यवक्ता ने क्या कहा था?

इस बीच ब्रिटिश भविष्यवक्ता क्रेग हैमिल्टन-पार्कर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 24 सितंबर को जारी एक वीडियो में उन्होंने भविष्य में एक ऐसी बैक्टीरियल बीमारी की चेतावनी दी थी, जो फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है और तेजी से फैल सकती है।

उन्होंने यह दावा भी किया था कि उन्हें यह चेतावनी तिब्बती भिक्षुओं से मिली थी। उनके पिछले दावों में कोरोना महामारी और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत की भविष्यवाणी शामिल होने की बात भी कही जाती है। हालांकि, ऐसी भविष्यवाणियों का वैज्ञानिक आधार नहीं है।

WHO ने कहा- फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं

रूस की घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। WHO ने मौजूदा स्थिति में वैश्विक जोखिम को बहुत कम बताया है। यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ने भी कहा है कि फिलहाल दूसरे मामलों या लगातार इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है।

इसलिए रूस में लैब कर्मचारी की मौत निश्चित तौर पर जांच का विषय है, लेकिन इसे अभी नई महामारी या प्लेग के प्रकोप के रूप में देखना सही नहीं होगा। सोशल मीडिया पर चल रही भविष्यवाणी और रूस की घटना के बीच संबंध भी फिलहाल सिर्फ अटकल है, जिसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।

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