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5 बार रुकीं सांसें, 20 दिन तक वेंटिलेटर पर… 1.2 KG के नवजात ने दी मौत को मात, ऐसे जीता जिंदगी की जंग
 

5 बार रुकीं सांसें, 20 दिन तक वेंटिलेटर पर… 1.2 KG के नवजात ने दी मौत को मात, ऐसे जीता जिंदगी की जंग

जिंदगी की शुरुआत से पहले ही एक नन्हे बच्चे को मौत से बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ी। महज 1.2 किलोग्राम वजन के इस नवजात की कई बार सांसें थम गईं, लेकिन डॉक्टरों की कोशिश और परिवार की उम्मीदों ने उसे हारने नहीं दिया।

जन्म के बाद बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। उसे तुरंत नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी सांसों को संभालने के लिए वेंटिलेटर का सहारा दिया। करीब 20 दिनों तक वह वेंटिलेटर पर रहा।

इस दौरान बच्चे की हालत कई बार बिगड़ी और उसकी सांसें लगभग रुक गईं। बताया जाता है कि करीब 5 बार ऐसी स्थिति आई, जब डॉक्टरों को तुरंत मेडिकल हस्तक्षेप करना पड़ा। हर बार डॉक्टरों की टीम ने पूरी कोशिश से उसकी जान बचाई।

कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के लिए शुरुआती दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं। ऐसे बच्चों को सांस लेने, संक्रमण से लड़ने और शरीर का तापमान बनाए रखने में परेशानी हो सकती है। लेकिन इस बच्चे ने धीरे-धीरे इलाज का असर दिखाना शुरू किया।

लंबे इलाज और देखभाल के बाद बच्चे की हालत में सुधार आया। जो बच्चा कभी मशीनों के सहारे सांस ले रहा था, उसने आखिरकार खुद जिंदगी की राह पकड़ ली।

यह मामला डॉक्टरों की मेहनत, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और परिवार के धैर्य की मिसाल बन गया है। नन्हे बच्चे की यह कहानी बताती है कि मुश्किल हालात में भी उम्मीद की एक छोटी किरण जिंदगी की सबसे बड़ी जीत दिला सकती है।

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