3.5 मिनट तक रुकी सांसें, फिर लौटी जिंदगी: अमेरिकी महिला ने सुनाया ‘मौत के बाद की दुनिया’ देखने का दावा
अमेरिका की एक महिला का दावा इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। केल्सी एबरनैथी मैकलीन (Kelsey Abernathy McLean) नाम की महिला का कहना है कि फैमिली डिनर के दौरान एक हादसे में उनकी सांसें करीब साढ़े तीन मिनट तक रुक गई थीं। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर मौत के बाद की दुनिया और अपनी पूरी जिंदगी की झलक देखी।
Kelsey Abernathy McLean के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वह परिवार के साथ भोजन कर रही थीं। अचानक खाने का एक टुकड़ा उनके गले में फंस गया, जिससे उनका दम घुटने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ ही पलों में उनकी सांसें बंद हो गईं और वह बेहोश हो गईं।
महिला का दावा है कि इस दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने शरीर से अलग हो गई हों। उन्होंने बताया कि उन्हें एक शांत और अलग दुनिया का अनुभव हुआ, जहां उन्हें अपनी जिंदगी के कई महत्वपूर्ण पल एक साथ दिखाई दिए। उनके अनुसार, यह अनुभव किसी फिल्म की तरह था, जिसमें बचपन से लेकर वर्तमान तक के कई दृश्य तेजी से उनकी आंखों के सामने गुजरते चले गए।
केल्सी का कहना है कि उस दौरान उन्हें न तो दर्द महसूस हो रहा था और न ही डर। बल्कि उन्हें एक अजीब तरह की शांति का एहसास हो रहा था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें जीवन के हर फैसले और उसके प्रभाव को दिखा रही हो।
परिवार के सदस्यों और मेडिकल सहायता की मदद से उनकी जान बच गई और कुछ समय बाद उनकी सांसें सामान्य हो गईं। घटना के बाद उन्होंने अपने अनुभव को सार्वजनिक किया, जिसके बाद यह कहानी तेजी से वायरल हो गई।
विशेषज्ञ ऐसे अनुभवों को अक्सर "नियर-डेथ एक्सपीरियंस" (Near-Death Experience) यानी मृत्यु के करीब पहुंचने पर होने वाले अनुभवों की श्रेणी में रखते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, गंभीर शारीरिक संकट, ऑक्सीजन की कमी या मस्तिष्क की विशेष गतिविधियों के कारण कुछ लोगों को असाधारण दृश्य, यादें या भावनात्मक अनुभव महसूस हो सकते हैं। हालांकि, मौत के बाद की दुनिया को लेकर इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर महिला की कहानी को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे आध्यात्मिक अनुभव मान रहे हैं, जबकि कई इसे मस्तिष्क की जैविक प्रतिक्रिया से जोड़कर देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, केल्सी एबरनैथी मैकलीन की यह कहानी एक बार फिर उन रहस्यमयी अनुभवों पर चर्चा छेड़ रही है, जिनका दावा कई लोग मौत के बेहद करीब पहुंचने के बाद करते हैं। हालांकि, इन अनुभवों को लेकर वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण आज भी अलग-अलग बने हुए हैं।

