Samachar Nama
×

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा आरोप, विदेशी फंडिंग की जांच की मांग

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा आरोप, विदेशी फंडिंग की जांच की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरने और आंदोलन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका जताते हुए केंद्र सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल लोगों को कहीं न कहीं से आर्थिक मदद मिल रही है।

मदन राठौड़ ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के लिए बाहर से फंडिंग होने की जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया और टीवी चैनलों के माध्यम से ऐसी बातें सामने आई हैं कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए दुबई, कुवैत, बांग्लादेश सहित अन्य जगहों से खाने की बुकिंग कराई गई थी। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

सरकार से जांच की मांग

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आंदोलन को संचालित करने के लिए आर्थिक मदद कहां से आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी आंदोलन के पीछे विदेशी पैसा लगाया जा रहा है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

उन्होंने सरकार से अपील की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन को लेकर बढ़ी सियासी बयानबाजी

जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं की ओर से जहां प्रदर्शन की फंडिंग पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं आंदोलन से जुड़े लोग सरकार के आरोपों पर अपना पक्ष रख सकते हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि किसी भी बड़े आंदोलन के दौरान फंडिंग और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां ही तथ्यों की पुष्टि कर सकती हैं।

आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी

मदन राठौड़ के आरोपों के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों में कानून के तहत कई तरह के नियम लागू होते हैं और किसी भी वित्तीय लेन-देन की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाती है।

फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से जांच को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में और गर्मा सकता है।

Share this story

Tags