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‘फ्रांस से भी महंगा बेंगलुरु…’ 2BHK का 70 हजार किराया देख भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

‘फ्रांस से भी महंगा बेंगलुरु…’ 2BHK का 70 हजार किराया देख भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

बेंगलुरु को देश का प्रमुख आईटी हब माना जाता है। देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियों के दफ्तर होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग नौकरी और बेहतर करियर के लिए शहर का रुख करते हैं। लेकिन यहां बढ़ते मकान किराए ने अब लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर एक 2BHK फ्लैट का किराया सामने आने के बाद बहस छिड़ गई है। फ्लैट का मासिक किराया करीब 70 हजार रुपये बताया जा रहा है। किराए की यह रकम देखकर कई लोगों ने बेंगलुरु की तुलना विदेश के महंगे शहरों से करनी शुरू कर दी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में एक 2BHK फ्लैट के लिए 70 हजार रुपये मासिक किराए की बात कही गई। पोस्ट सामने आते ही लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि आखिर एक सामान्य परिवार के लिए इतने महंगे किराए पर रहना कितना मुश्किल होगा। कुछ यूजर्स ने कहा कि बेंगलुरु में अच्छी नौकरी मिलने के बावजूद बड़ी कमाई का एक हिस्सा सिर्फ घर के किराए में चला जाता है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस किराए की तुलना फ्रांस और दूसरे विदेशी देशों में रहने के खर्च से भी की। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बेंगलुरु में घर लेना अब विदेश में रहने जैसा महंगा होता जा रहा है। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शहर में घर का किराया देखकर ऐसा लगता है जैसे मकान मालिक नहीं, बल्कि कोई लग्जरी होटल कमरा दे रहा हो।

दरअसल, बेंगलुरु में किराए बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। शहर में आईटी और टेक कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है। इसके अलावा आउटर रिंग रोड, व्हाइटफील्ड, सरजापुर रोड, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और कई अन्य इलाकों में ऑफिस और बिजनेस हब विकसित होने के कारण इन क्षेत्रों के आसपास घरों की मांग लगातार बनी रहती है। मांग अधिक होने पर मकान मालिक किराए में बढ़ोतरी करते हैं।

बेंगलुरु में ट्रैफिक और ऑफिस से दूरी भी किराए को प्रभावित करती है। कई कर्मचारी लंबी यात्रा से बचने के लिए ऑफिस के नजदीक घर लेना पसंद करते हैं। यही वजह है कि प्रमुख टेक कॉरिडोर के आसपास अच्छी लोकेशन वाले फ्लैटों का किराया काफी अधिक हो जाता है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पूरे बेंगलुरु में 2BHK का किराया 70 हजार रुपये नहीं है। किराया इलाके, बिल्डिंग, सुविधाओं, पार्किंग, फर्निशिंग और ऑफिस लोकेशन से दूरी के आधार पर काफी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए एक महंगे फ्लैट को पूरे शहर के किराए का पैमाना मानना सही नहीं होगा।

फिर भी 70 हजार रुपये मासिक किराए ने बेंगलुरु में बढ़ती हाउसिंग कॉस्ट को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। नौकरी के लिए शहर आने वाले युवाओं और परिवारों के सामने अब वेतन के साथ-साथ रहने की लागत भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा इसी बढ़ते खर्च और बदलती शहरी जीवनशैली को लेकर लोगों की चिंता को सामने ला रही है।

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