बेंगलुरु कैफे का नया नियम: एक कॉफी लेकर घंटों बैठने वालों से वसूला जाएगा ₹99 प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज, सोशल मीडिया पर बहस तेज
देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु में एक कैफे के नए नियम ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कैफे ने उन ग्राहकों से अलग से वर्कस्पेस चार्ज लेने का फैसला किया है, जो सिर्फ एक कॉफी ऑर्डर करके कई घंटों तक टेबल पर बैठकर काम करते हैं। कैफे ने इसके लिए प्रति घंटे ₹99 का शुल्क तय किया है।
दरअसल, बेंगलुरु में बड़ी संख्या में लोग कैफे को वर्क फ्रॉम होम या ऑफिस के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं। कई लोग लैपटॉप लेकर कैफे पहुंचते हैं और एक कप कॉफी या कोई छोटा ऑर्डर लेकर कई घंटे तक वहां बैठकर काम करते हैं। ऐसे ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक कैफे ने यह नया नियम लागू किया है।
कैफे प्रबंधन का कहना है कि लंबे समय तक एक ही टेबल घेरकर बैठने वाले ग्राहकों की वजह से अन्य ग्राहकों को परेशानी होती है। साथ ही, कैफे के संचालन और जगह के इस्तेमाल का खर्च भी बढ़ता है। ऐसे में वर्कस्पेस के रूप में कैफे का इस्तेमाल करने वालों से अलग चार्ज लेना जरूरी हो गया है।
इस फैसले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स ने कैफे के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति कैफे को ऑफिस की तरह इस्तेमाल कर रहा है और घंटों तक सीट रोककर रखता है तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लेना गलत नहीं है।
वहीं, कुछ लोगों ने इस नियम की आलोचना भी की है। उनका कहना है कि कैफे पहले से ही खाने-पीने की चीजों के लिए पैसे लेते हैं, ऐसे में अलग से प्रति घंटे चार्ज लगाना ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ है। कई लोगों ने इसे कैफे संस्कृति में बदलाव के रूप में देखा है।
बेंगलुरु जैसे शहरों में कैफे कल्चर तेजी से बढ़ा है। स्टार्टअप कर्मचारियों, फ्रीलांसरों और रिमोट वर्क करने वाले लोगों के लिए कैफे एक लोकप्रिय वर्कस्पेस बन गए हैं। लेकिन अब कई कैफे जगह, बिजली, इंटरनेट और सीटों के इस्तेमाल को देखते हुए नए मॉडल अपनाने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे चार्जिंग मॉडल और जगहों पर देखने को मिल सकते हैं, जहां कैफे और वर्कस्पेस के बीच की सीमा कम होती जा रही है। हालांकि, ग्राहकों और कैफे संचालकों के बीच इस बात को लेकर संतुलन बनाना जरूरी होगा कि सुविधा भी बनी रहे और कारोबार को नुकसान भी न हो।
फिलहाल बेंगलुरु के इस कैफे का ₹99 प्रति घंटे वाला वर्कस्पेस चार्ज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे सही बिजनेस फैसला बता रहे हैं, तो कुछ इसे ग्राहकों की आजादी पर रोक मान रहे हैं।

