सूअर की किडनी के सहारे 271 दिन तक जिंदा रहा बंदा, 9 महीने बाद हुआ ट्रांसप्लांट
मेडिकल साइंस की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां एक मरीज सूअर की किडनी के सहारे 271 दिनों तक जिंदा रहा। करीब 9 महीने बाद उसका मानव किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसे अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मामला जेनोट्रांसप्लांटेशन (Xenotransplantation) यानी जानवरों के अंगों को इंसानों में प्रत्यारोपित करने की तकनीक से जुड़ा है। वैज्ञानिक लंबे समय से इस पर काम कर रहे हैं, ताकि उन मरीजों के लिए अंगों की कमी को दूर किया जा सके जिन्हें समय पर डोनर नहीं मिल पाता।
मरीज की किडनी खराब होने के बाद डॉक्टरों ने प्रयोग के तौर पर आनुवंशिक रूप से बदली गई सूअर की किडनी का इस्तेमाल किया। इस किडनी ने लंबे समय तक काम किया और मरीज को डायलिसिस जैसी जरूरतों से राहत मिली।विशेषज्ञों के अनुसार, सूअर के अंगों की संरचना इंसानी अंगों से काफी मिलती-जुलती होती है, इसलिए इन्हें भविष्य में मानव अंगों की कमी को पूरा करने के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस क्षेत्र में अभी भी कई चुनौतियां हैं। शरीर द्वारा बाहरी अंग को अस्वीकार करना, संक्रमण का खतरा और लंबे समय तक सुरक्षा जैसी बातों पर वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं।271 दिनों तक सूअर की किडनी का काम करना चिकित्सा विज्ञान के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह तकनीक भविष्य में उन लाखों मरीजों के लिए उम्मीद बन सकती है, जो अंग प्रत्यारोपण का इंतजार करते हैं।

