AC कोच के बाहर फर्श पर खाना खाते अटेंडेंट वायरल, हालत देख लोग बोले- इन्हें भी सीट मिलनी चाहिए
सोशल मीडिया पर एक ट्रेन अटेंडेंट की तस्वीर तेजी से वायरल होने के बाद रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। वायरल तस्वीर में एक ट्रेन अटेंडेंट को बाथरूम और गेट के पास बैठकर खाना खाते हुए देखा जा सकता है। यह तस्वीर किसी यात्री ने खींचकर इंटरनेट पर पोस्ट की थी, जिसके बाद यह कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गई।
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने इस स्थिति को दुखद बताते हुए कहा कि यात्रियों की सेवा में लगे कर्मचारियों को भी सम्मानजनक परिस्थितियों में भोजन और आराम की सुविधा मिलनी चाहिए। कुछ लोगों ने इसे मानवता के नजरिए से देखा और रेलवे प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
वायरल पोस्ट के अनुसार, ट्रेन अटेंडेंट ड्यूटी के दौरान लगातार यात्रियों की सेवा में व्यस्त था और उसे उचित ब्रेक या निर्धारित स्थान पर भोजन करने का अवसर नहीं मिला। इसी दौरान वह ट्रेन के एक कोने में, बाथरूम और दरवाजे के पास बैठकर खाना खाते हुए दिखाई दिया।
जैसे ही यह तस्वीर वायरल हुई, कई यात्रियों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “जो लोग दिन-रात हमारी सुविधा के लिए काम करते हैं, उनके लिए भी न्यूनतम सुविधा और सम्मान जरूरी है।” वहीं कुछ यूजर्स ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था में कर्मचारियों के लिए आराम और भोजन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
इस घटना के बाद ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार रेलवे से अपील कर रहे हैं कि ट्रेन स्टाफ के लिए बेहतर ड्यूटी शेड्यूल, रेस्ट एरिया और भोजन की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। कई लोगों ने इसे “सिस्टम की अनदेखी” का उदाहरण बताया।
रेलवे से जुड़े कुछ जानकारों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को कई बार सीमित समय और संसाधनों में काम करना पड़ता है, जिससे ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि, इस तरह की तस्वीरें सामने आना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस वायरल तस्वीर पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर उठी इस बहस ने एक बार फिर कर्मचारियों की कार्य स्थितियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

