राइड खत्म होते ही राइडर का WhatsApp मैसेज देख हैरान रह गई महिला, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक बार फिर यात्रियों की निजता और पेशेवर व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस बार मामला Rapido की एक महिला यात्री से जुड़ा है, जिसने दावा किया कि राइड खत्म होने के कुछ देर बाद ही उसे राइडर की ओर से WhatsApp पर निजी मैसेज मिला। महिला ने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद पोस्ट तेजी से वायरल हो गई।
राइड के बाद आया निजी मैसेज
महिला के मुताबिक, उसने सामान्य तरीके से Rapido बाइक राइड बुक की थी। यात्रा पूरी होने के बाद सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन कुछ समय बाद उसके मोबाइल पर राइडर का WhatsApp मैसेज आया। इस अप्रत्याशित मैसेज ने उसे असहज कर दिया।
महिला ने बताया कि उसने राइडर को अपना नंबर व्यक्तिगत रूप से नहीं दिया था। ऐसे में उसके मन में सवाल उठा कि राइडर के पास उसका नंबर कैसे पहुंचा और निजी मैसेज भेजना क्या उचित है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
महिला की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे यात्रियों की निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सेवा प्रदाताओं को इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, कुछ यूजर्स ने सलाह दी कि यदि किसी यात्री को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो वह प्लेटफॉर्म के हेल्प सेंटर पर शिकायत दर्ज कराए और जरूरत पड़ने पर संबंधित मैसेज का स्क्रीनशॉट भी साझा करे।
प्राइवेसी और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी कितनी सुरक्षित है। आमतौर पर कंपनियां कॉल और मैसेज के लिए मास्क्ड नंबर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं, ताकि ड्राइवर और यात्री का वास्तविक मोबाइल नंबर साझा न हो।
यदि किसी कारणवश निजी नंबर का दुरुपयोग होता है, तो यह यात्रियों की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन सकता है।
यात्रियों के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी राइड के बाद ड्राइवर की ओर से अनचाहा निजी संपर्क किया जाए, तो घबराने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर चैट या कॉल का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी मददगार हो सकता है।
हालांकि, इस वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी इस घटना ने ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्री सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और पेशेवर आचरण को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

