अरबाज पटेल और निक्की तंबोली के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं। अब दोनों को उनके रिश्ते को लेकर ट्रोल किया जा रहा है और कुछ यूजर्स ने उनके होने वाले बच्चों के धर्म को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए।ट्रोलर्स का सवाल था कि अगर दोनों अलग-अलग धर्मों से हैं, तो भविष्य में उनके बच्चों का धर्म क्या होगा? इसी सवाल पर निक्की तंबोली ने अपनी बात रखते हुए जवाब दिया।
अरबाज पटेल और निक्की तंबोली के रिश्तों पर लोग इन्हें ट्रोल करते हैं। ट्रोलर्स का कहना है पता नहीं उनके बच्चे किस धर्म के होंगे..?
— Goldy Yadav (@GoldyYad17) September 9, 2026
इसके जवाब में निक्की तंबोली का कहना है कि बच्चा मां के धर्म के अनुसार ही रहेगा अगस्त में यह नियम आया है।
कानून के हिसाब से इस तरह की शादियां स्पेशल… pic.twitter.com/WF68CQHDsC
अरबाज पटेल और निक्की तंबोली के रिश्तों पर लोग इन्हें ट्रोल करते हैं। ट्रोलर्स का कहना है पता नहीं उनके बच्चे किस धर्म के होंगे..?
— Goldy Yadav (@GoldyYad17) September 9, 2026
इसके जवाब में निक्की तंबोली का कहना है कि बच्चा मां के धर्म के अनुसार ही रहेगा अगस्त में यह नियम आया है।
कानून के हिसाब से इस तरह की शादियां स्पेशल… pic.twitter.com/WF68CQHDsC
निक्की का कहना है कि बच्चे को लेकर धर्म का फैसला किसी सोशल मीडिया ट्रोल की सोच से नहीं, बल्कि परिवार और कानून के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय खुलकर रखी और ट्रोल करने वालों को जवाब दिया।अलग-अलग धर्मों के लोगों की शादी को लेकर भारत में कानून की अपनी व्यवस्था है। ऐसे मामलों में विवाह किस कानून के तहत हुआ है और बच्चे के धर्म की स्थिति क्या होगी, यह परिस्थितियों और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है।सबसे जरूरी बात यह है कि किसी बच्चे की धार्मिक पहचान को लेकर उस पर जबरदस्ती या सामाजिक दबाव नहीं होना चाहिए। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी अपनी व्यक्तिगत पसंद और धार्मिक आस्था भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
भारत जैसे विविधता वाले देश में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों के रिश्ते कोई नई बात नहीं हैं। ऐसे रिश्तों में सबसे ज्यादा जरूरी आपसी सम्मान, समझ और बच्चे के अधिकारों को प्राथमिकता देना है।निक्की तंबोली के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि आखिर इंटरफेथ कपल के बच्चों की धार्मिक पहचान को लेकर समाज को इतना सवाल क्यों करना चाहिए?

