मौत के करीब पहुंचकर शख्स का दावा- शरीर से अलग हुई आत्मा, दिवंगत पत्नी से हुई मुलाकात; NDE की कहानी वायरल
अमेरिका के एक व्यक्ति की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा का विषय बनी हुई है। जेफ्री ओल्सेन (Jeffrey Olsen) नाम के इस शख्स ने अपने नियर-डेथ एक्सपीरियंस (Near-Death Experience – NDE) को साझा किया है। उनका दावा है कि 1997 में हुए एक भयानक सड़क हादसे के बाद जब डॉक्टर उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्होंने खुद को शरीर से अलग महसूस किया और उन्हें अपनी दिवंगत पत्नी से मुलाकात का अनुभव हुआ।
जेफ्री ओल्सेन की कहानी उन लोगों में शामिल है, जो मौत के करीब पहुंचने के बाद असामान्य अनुभवों का दावा करते हैं। ऐसे अनुभवों को विज्ञान की भाषा में नियर-डेथ एक्सपीरियंस कहा जाता है, जिसमें कुछ लोग सुरंग जैसी रोशनी देखने, शरीर से बाहर निकलने या किसी प्रिय व्यक्ति से मिलने जैसे अनुभवों का जिक्र करते हैं।
1997 के हादसे ने बदल दी जिंदगी
जेफ्री के अनुसार, साल 1997 में वह एक बेहद गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। हादसा इतना भयानक था कि उनकी हालत नाजुक हो गई थी और डॉक्टर उनकी जान बचाने में जुटे थे।
उनका कहना है कि उसी दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी चेतना शरीर से अलग हो गई हो। उन्होंने दावा किया कि वह खुद को एक अलग अवस्था में महसूस कर रहे थे, जहां उन्हें अपनी पत्नी दिखाई दी, जिनका पहले ही निधन हो चुका था।
दिवंगत पत्नी से मुलाकात का दावा
जेफ्री का कहना है कि उस अनुभव के दौरान उनकी मुलाकात अपनी पत्नी से हुई। उन्होंने बताया कि यह पल उनके लिए बेहद भावुक और आध्यात्मिक अनुभव था। उनके मुताबिक, इस घटना ने मौत और जीवन को देखने का उनका नजरिया पूरी तरह बदल दिया।
उन्होंने कहा कि इस अनुभव के बाद उन्हें जीवन के महत्व, रिश्तों और इंसानी भावनाओं को लेकर एक नई समझ मिली।
क्या कहता है विज्ञान?
नियर-डेथ एक्सपीरियंस को लेकर वैज्ञानिकों के बीच लंबे समय से चर्चा होती रही है। कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ऐसे अनुभव दिमाग में होने वाली जैविक और न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं से जुड़े हो सकते हैं।
ऑक्सीजन की कमी, तनाव, दिमाग में रासायनिक बदलाव और शरीर की गंभीर स्थिति के दौरान कुछ लोगों को असामान्य अनुभव हो सकते हैं। हालांकि, कई लोग इन्हें आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जेफ्री ओल्सेन की कहानी वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे आत्मा और जीवन के बाद की संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की कोशिश कर रहे हैं।
नियर-डेथ एक्सपीरियंस से जुड़ी ऐसी कहानियां हमेशा लोगों की जिज्ञासा बढ़ाती रही हैं। चाहे इन्हें आध्यात्मिक अनुभव माना जाए या दिमाग की जटिल प्रक्रिया, लेकिन ऐसी घटनाएं इंसान को जीवन और मृत्यु के रहस्य पर सोचने के लिए जरूर मजबूर करती हैं।

