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Annamayya District Ghost Village: पानी की कमी ने उजाड़ दिया पूरा गांव, आंध्र प्रदेश का गट्टूमीदपल्ली बना ‘घोस्ट विलेज’

Annamayya District Ghost Village: पानी की कमी ने उजाड़ दिया पूरा गांव, आंध्र प्रदेश का गट्टूमीदपल्ली बना ‘घोस्ट विलेज’

आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले में स्थित एक पहाड़ी गांव गट्टूमीदपल्ली (Gattumeedipalli) कभी अपनी आत्मनिर्भर जीवनशैली और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता था। लेकिन समय के साथ यहां बढ़ते जल संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात ऐसे बदल दिए कि पूरा गांव वीरान हो गया। अब यह गांव पूरी तरह खाली हो चुका है और इसे ‘घोस्ट विलेज’ यानी भूतिया गांव के रूप में जाना जा रहा है।

गट्टूमीदपल्ली गांव में रहने वाले आखिरी परिवार ने भी हाल ही में गांव छोड़ दिया। इसके साथ ही वह जगह, जहां कभी लोगों की चहल-पहल, खेती और ग्रामीण जीवन की रौनक दिखाई देती थी, अब सुनसान हो चुकी है। खाली पड़े घर, बंद दरवाजे और वीरान गलियां इस गांव की बदली हुई तस्वीर बयां कर रही हैं।

पानी के संकट ने किया पलायन को मजबूर

स्थानीय लोगों के अनुसार, गट्टूमीदपल्ली में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी। पहाड़ी इलाके में बसे इस गांव में लंबे समय से जल संकट बना हुआ था। गर्मियों के दिनों में पानी के लिए लोगों को काफी दूर तक जाना पड़ता था। धीरे-धीरे यह समस्या इतनी गंभीर हो गई कि ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो गया।

इसके अलावा गांव में सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त साधन भी उपलब्ध नहीं थे। इन परेशानियों के चलते ग्रामीणों ने धीरे-धीरे गांव छोड़कर आसपास के शहरों और दूसरे इलाकों में बसना शुरू कर दिया।

कभी आत्मनिर्भर था गांव

बताया जाता है कि गट्टूमीदपल्ली कभी अपने पारंपरिक जीवन और स्थानीय संसाधनों के सहारे काफी हद तक आत्मनिर्भर था। यहां के लोग खेती और पशुपालन के जरिए अपना जीवन चलाते थे। गांव की अपनी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था थी, लेकिन लगातार बढ़ती समस्याओं ने इस पुराने बसे गांव को धीरे-धीरे खत्म कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पानी और अन्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जाता तो शायद गांव को उजड़ने से बचाया जा सकता था।

अब सिर्फ यादों में बचा गांव

आज गट्टूमीदपल्ली में न तो पहले जैसी रौनक है और न ही लोगों की आवाजाही। कभी बच्चों की आवाजों और ग्रामीण गतिविधियों से गुलजार रहने वाला यह गांव अब खामोशी की चादर ओढ़ चुका है।

यह कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि देश के उन कई ग्रामीण इलाकों की हकीकत को दिखाती है, जहां पानी और मूलभूत सुविधाओं की कमी लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर रही है। गट्टूमीदपल्ली का ‘घोस्ट विलेज’ बन जाना इस बात का संकेत है कि जल संकट और ग्रामीण विकास की चुनौतियों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

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