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UKG की नन्ही प्रतिभा का कमाल! अनाइशा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मानसिक अबेकस से रचा इतिहास, 50 पंक्तियों की गणनाएं पलभर में कीं हल

UKG की नन्ही प्रतिभा का कमाल! अनाइशा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मानसिक अबेकस से रचा इतिहास, 50 पंक्तियों की गणनाएं पलभर में कीं हल

जहां अधिकांश बच्चे यूकेजी कक्षा में अक्षर और अंक पहचानना सीख रहे होते हैं, वहीं एक नन्ही प्रतिभा ने अपनी असाधारण गणितीय क्षमता से सभी को हैरान कर दिया है। यूकेजी में पढ़ रही प्रतिभावान छात्रा अनाइशा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मानसिक अबेकस गणनाओं का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक और निर्णायक दोनों दंग रह गए।

50 पंक्तियों की गणनाएं रिकॉर्ड गति से कीं हल

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में अनाइशा ने एकल-अंकीय मानसिक अबेकस गणनाओं की 50 पंक्तियों को बेहद तेज गति और सटीकता के साथ हल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता के दौरान उसने बिना किसी कैलकुलेटर, कागज या अन्य सहायता के केवल मानसिक गणना के बल पर सभी सवालों के जवाब दिए।

उसकी गति और सटीकता ने न केवल निर्णायकों को प्रभावित किया, बल्कि वहां मौजूद अभिभावकों और प्रतिभागियों को भी आश्चर्यचकित कर दिया। इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा है।

क्या है मानसिक अबेकस?

मानसिक अबेकस एक ऐसी तकनीक है, जिसमें बच्चे पहले अबेकस (गिनती करने का उपकरण) की मदद से गणना करना सीखते हैं। अभ्यास के बाद वे अपने दिमाग में अबेकस की कल्पना कर तेज गति से जोड़, घटाव और अन्य गणनाएं करने लगते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक अबेकस बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति, तार्किक सोच और गणितीय कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

परिवार और शिक्षकों में खुशी की लहर

अनाइशा की इस उपलब्धि से उसके परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि वह बचपन से ही पढ़ाई और विशेष रूप से गणित में रुचि रखती है। नियमित अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई है।

स्कूल प्रशासन ने भी छात्रा की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि अनाइशा की उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना

अनाइशा की सफलता की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग उसकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इतनी कम उम्र में उसकी गणितीय क्षमता को अद्भुत बताया, जबकि कुछ ने उसे "गणित की नन्ही जीनियस" तक कहा।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को कम उम्र से ही रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों से जोड़ने पर उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सकती है। अनाइशा इसका बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।

प्रेरणा बनी नन्ही अनाइशा

यूकेजी की छात्रा अनाइशा की यह उपलब्धि साबित करती है कि उम्र प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनती। लगन, मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ छोटे बच्चे भी बड़े-बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उसका शानदार प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।

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