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बेटे का कमाल! 70 साल के पिता की सुरक्षा के लिए 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ पर बना दी लोहे की घुमावदार सीढ़ियां

बेटे का कमाल! 70 साल के पिता की सुरक्षा के लिए 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ पर बना दी लोहे की घुमावदार सीढ़ियां

कहते हैं कि माता-पिता के लिए बच्चे कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। तमिलनाडु से सामने आई एक ऐसी ही दिल छू लेने वाली कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यहां एक बेटे ने अपने 70 साल के पिता की सुरक्षा और सुविधा के लिए 55 फीट ऊंचे खजूर (पलमायरा) के पेड़ पर लोहे की घुमावदार सीढ़ियां बनवा दीं। बेटे के इस अनोखे जुगाड़ की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।

पिता के लिए बेटे ने निकाला अनोखा समाधान

यह मामला तमिलनाडु के तूतीकोरिन (Thoothukudi) जिले के सलाईपुथुर गांव का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले दिनाकर का परिवार कई पीढ़ियों से पलमायरा यानी खजूर के पेड़ों से जुड़े काम से जुड़ा हुआ है। उनके 70 वर्षीय पिता भी लंबे समय से इसी काम में लगे हुए हैं।

बढ़ती उम्र के कारण 55 फीट ऊंचे और फिसलन भरे पेड़ पर चढ़ना उनके लिए जोखिम भरा हो गया था। पिता की परेशानी को देखते हुए बेटे ने ऐसा तरीका निकाला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।

पेड़ के चारों ओर लगवाई सर्पिल लोहे की सीढ़ियां

दिनाकर ने पेड़ के तने के चारों ओर मजबूत लोहे की घुमावदार (स्पाइरल) सीढ़ियां बनवा दीं। अब पेड़ पर चढ़ने के लिए पहले की तरह खतरनाक तरीके से तने को पकड़कर ऊपर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

इस सीढ़ी की मदद से बुजुर्ग पिता भी आसानी से पेड़ की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। खास बात यह है कि सीढ़ियां लगाने के दौरान पेड़ के तने में कील नहीं ठोकी गई, बल्कि लोहे की पट्टियों की मदद से इन्हें सुरक्षित तरीके से लगाया गया है।

करीब 60 हजार रुपये में तैयार हुआ जुगाड़

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अनोखी सीढ़ी को तैयार करने में करीब 60 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इसमें लोहे की मजबूत पाइप और धातु की पट्टियों का इस्तेमाल किया गया है।

दिनाकर का मानना है कि यह खर्च सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए किया गया निवेश है।

पलमायरा पेड़ों से जुड़ी है रोजी-रोटी

दक्षिण भारत के कई इलाकों में पलमायरा के पेड़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। इनसे मिलने वाले रस (पथानेर), फल और अन्य उत्पादों से कई परिवारों की आजीविका चलती है।

लेकिन समय के साथ ऊंचे पेड़ों पर चढ़ने वाले कुशल लोगों की संख्या कम होती जा रही है। ऐसे में दिनाकर का यह जुगाड़ काम को आसान और सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

जैसे ही इस अनोखे जुगाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने बेटे के प्यार और उसकी सोच की खूब सराहना की।

कई यूजर्स ने कहा कि यह सिर्फ एक सीढ़ी नहीं, बल्कि अपने बुजुर्ग पिता के प्रति बेटे की चिंता और सम्मान का प्रतीक है। लोगों का कहना है कि आज के समय में ऐसी सोच और तकनीक का मेल दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

दिनाकर का यह छोटा-सा प्रयास दिखाता है कि अगर इरादा मजबूत हो तो किसी भी मुश्किल का हल निकाला जा सकता है।

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