दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़कर सपने पूरे करना चाहता था अक्षत, बिल्डिंग हादसे ने छीन ली जिंदगी
**कटनी के अक्षत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा करने का सपना देखा था।** परिवार को उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर वह अपने भविष्य को बेहतर बनाएगा, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने उसकी जिंदगी और परिवार के सारे सपने एक झटके में खत्म कर दिए।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में एक इमारत गिरने के हादसे में अक्षत मलबे की चपेट में आ गया और उसकी **मौत हो गई**। अक्षत दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था और अपने बेहतर भविष्य की तैयारी में जुटा था।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि अक्षत **रक्षाबंधन के मौके पर अपने घर कटनी गया था**। परिवार के साथ त्योहार मनाने के बाद वह वापस दिल्ली लौटा था, लेकिन अब उसके माता-पिता अपने बेटे को वापस घर ले जाने के लिए दिल्ली आने को मजबूर हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़कर सपना पूरा करने का कटनी के अक्षत का सपना अधूरा ही रह गया।
— Er. Kripa Shankar (@ErKripaShankary) September 7, 2026
दिल्ली में बिल्डिंग के ढहने में कटनी के अक्षत जो दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे दबकर मौत हो गई।
रक्षाबंधन में घर से वापस आए अक्षत के माता पिता अब उन्हें वापस ले जाने के लिए दिल्ली आ रहे है।… pic.twitter.com/84mrbTDCiK
जिस बेटे को परिवार ने पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजा था, उसके भविष्य को लेकर जिन आंखों में सपने थे, आज उन्हीं आंखों में आंसू हैं। हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि **आखिर इस दर्दनाक मौत की जिम्मेदारी किसकी है?**
अगर इमारत की सुरक्षा, निर्माण या रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जांच होना और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। अक्षत की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि शहरों में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
**एक युवा जिसने अपने सपनों को उड़ान देने के लिए दिल्ली का रुख किया था, वह अब अपने परिवार के पास वापस लौट रहा है—लेकिन उस रूप में, जिसकी किसी माता-पिता ने कभी कल्पना नहीं की होगी।**
*नोट: हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े दावों की आधिकारिक जांच/पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।*

