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AI से काम आसान नहीं, और बढ़ गया बोझ! सॉफ्टवेयर डेवलपर ने बताई अपनी परेशानी, बोले- उम्मीदें बढ़ीं लेकिन सैलरी वहीं रही

AI से काम आसान नहीं, और बढ़ गया बोझ! सॉफ्टवेयर डेवलपर ने बताई अपनी परेशानी, बोले- उम्मीदें बढ़ीं लेकिन सैलरी वहीं रही

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में यह दावा किया जा रहा है कि यह लोगों का काम आसान बनाएगा, समय बचाएगा और प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा। लेकिन हर किसी का अनुभव ऐसा नहीं रहा है। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा करते हुए दावा किया है कि AI ने उसका काम कम करने के बजाय और ज्यादा बढ़ा दिया है।

डेवलपर का कहना है कि AI टूल्स आने के बाद कंपनियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब कर्मचारियों से पहले की तुलना में ज्यादा तेजी और ज्यादा काम करने की अपेक्षा की जाने लगी है, लेकिन वेतन में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है।

AI ने बदली काम करने की संस्कृति

डेवलपर ने बताया कि पहले किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जितना समय मिलता था, अब AI की मदद के कारण कंपनियां मानने लगी हैं कि वही काम बहुत कम समय में पूरा किया जा सकता है।

उनका कहना है कि AI को एक सहायक तकनीक के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय कई जगहों पर इसे कर्मचारियों से अधिक काम करवाने के साधन की तरह देखा जा रहा है।

काम की रफ्तार बढ़ी, दबाव भी बढ़ा

सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कोड लिखने, गलतियां खोजने और दस्तावेज तैयार करने जैसे कामों में AI मददगार साबित हो रहा है।

हालांकि, डेवलपर का कहना है कि इससे काम की गति बढ़ने के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। अब कंपनियां कम समय में ज्यादा आउटपुट की उम्मीद करती हैं।

उन्होंने कहा कि पहले जहां किसी काम को पूरा करने के लिए एक तय समयसीमा होती थी, अब AI की मौजूदगी के कारण उसी समय में ज्यादा काम सौंपा जाने लगा है।

सैलरी में नहीं आया बड़ा बदलाव

डेवलपर की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि काम और जिम्मेदारियां बढ़ने के बावजूद सैलरी में उस हिसाब से वृद्धि नहीं हुई है।

उसका कहना है कि AI से कंपनियों को फायदा तो हो रहा है, लेकिन कर्मचारियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त दबाव और काम के बोझ को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं हो रही।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

डेवलपर की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर AI और नौकरी के भविष्य को लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने उसकी बात से सहमति जताई और कहा कि कई कंपनियां AI को कर्मचारियों की मदद के बजाय ज्यादा काम लेने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।

वहीं, कुछ यूजर्स का मानना है कि AI एक ऐसा टूल है, जिसका सही इस्तेमाल करने पर कर्मचारी अपनी क्षमता बढ़ा सकते हैं और बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं।

AI का भविष्य और कर्मचारियों की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि AI आने वाले समय में काम करने के तरीकों को पूरी तरह बदल सकता है। जहां एक ओर यह कई प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को नई स्किल सीखने और बदलते माहौल के साथ खुद को अपडेट रखने की जरूरत होगी।

फिलहाल इस डेवलपर की कहानी यह सवाल जरूर खड़ा करती है कि क्या AI वास्तव में काम का बोझ कम कर रहा है या सिर्फ काम करने की उम्मीदों को और बढ़ा रहा है।

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