जलती चिता से मांस खाती दिखी अघोरी महिला, वायरल वीडियो पर मचा बवाल; गुस्साए संतों ने की FIR की मांग
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा और विवाद देखने को मिल रहा है। वायरल वीडियो में एक महिला को अघोरी साध्वी बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि वह श्मशान घाट में जलती चिता के पास बैठकर मांस खा रही है। वीडियो सामने आने के बाद कई संतों और धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोग उसे अघोरी परंपरा से जोड़ रहे हैं, जबकि वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिख रही गतिविधियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं।
कई संतों ने इस वीडियो पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सनातन परंपराओं और साधु-संतों की छवि को गलत तरीके से पेश करने वाले ऐसे वीडियो समाज में भ्रम पैदा कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच करने और अगर वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो की सच्चाई जाने बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। कई बार पुराने या एडिट किए गए वीडियो भी गलत दावों के साथ वायरल हो जाते हैं।
अघोरी साधुओं की परंपरा भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। अघोरी साधक अपनी कठिन साधना और अलग जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनके नाम पर कई बार सोशल मीडिया पर भ्रामक और सनसनीखेज दावे भी सामने आते रहते हैं।
फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर लोगों में बहस जारी है। संत समाज की ओर से जांच और एफआईआर की मांग की गई है, जबकि प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें किए जा रहे दावे कितने सही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की सत्यता जांचने की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील धार्मिक या सामाजिक विषय से जुड़े वीडियो को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

