पिता के निधन के बाद बेटे ने संभाली परिवार की जिम्मेदारी, पढ़ाई के साथ कर रहा डिलीवरी बॉय की नौकरी
सोशल मीडिया पर इन दिनों भुवनेश्वर के एक कॉलेज छात्र की कहानी लोगों को भावुक कर रही है। कम उम्र में पिता को खोने के बाद इस युवक ने हार मानने के बजाय परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा लीं। पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ वह पार्ट-टाइम डिलीवरी बॉय का काम कर रहा है, ताकि अपने परिवार का सहारा बन सके।
वायरल हो रही जानकारी के मुताबिक, छात्र भुवनेश्वर में कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है। पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति काफी मुश्किल हो गई थी। ऐसे में उसने पढ़ाई छोड़ने के बजाय नौकरी करने का फैसला किया। अब वह दिन में पढ़ाई करता है और बाकी समय डिलीवरी का काम करके अपनी फीस और रोजमर्रा का खर्च निकालता है।
इतना ही नहीं, युवक अपनी कमाई का एक हिस्सा गांव में रह रही अपनी मां को भी भेजता है, ताकि घर का खर्च चल सके। सोशल मीडिया पर लोग उसकी मेहनत, जिम्मेदारी और संघर्ष की जमकर तारीफ कर रहे हैं। खास बात यह है कि रविवार और छुट्टी वाले दिनों में भी वह पूरा समय काम करता है, ताकि ज्यादा कमाई हो सके और परिवार की जरूरतें पूरी हो सकें।
इंटरनेट पर वायरल हुई उसकी कहानी ने हजारों लोगों का दिल छू लिया है। कई यूजर्स ने इसे “असल जिंदगी का हीरो” बताया है। एक यूजर ने लिखा, “इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठाना आसान नहीं होता।” वहीं दूसरे ने कहा, “यह कहानी बताती है कि मुश्किल हालात इंसान को कितना मजबूत बना देते हैं।”
सोशल मीडिया पर लोग न सिर्फ उसकी तारीफ कर रहे हैं, बल्कि कई लोग उसकी मदद करने की इच्छा भी जता रहे हैं। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसे मेहनती और जिम्मेदार युवाओं को समाज से समर्थन मिलना चाहिए।
आज के दौर में जहां कई लोग छोटी-छोटी परेशानियों में हिम्मत हार जाते हैं, वहीं इस छात्र की कहानी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर सामने आई है। उसने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और जिम्मेदारी से रास्ता जरूर निकाला जा सकता है।
हालांकि, उसकी जिंदगी आसान नहीं है। पढ़ाई और नौकरी दोनों को एक साथ संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होता। लेकिन इसके बावजूद वह लगातार मेहनत कर रहा है ताकि अपने सपनों को पूरा कर सके और अपने परिवार को बेहतर जिंदगी दे सके।
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह कहानी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की कहानी है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

