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बच्चा पैदा होने के बाद सहेलियों ने किया खेल, एकसाथ हो गई अपने पति से अलग…दुनिया को बताई ये वजह

रिश्ते जब केवल औपचारिकता बनकर रह जाएं, जब उनमें न प्यार बचता है और न ही भावनाएं, तब कुछ लोग ऐसे रिश्तों को ढोते रहते हैं, तो कुछ लोग साहस दिखाते हैं और उन्हें खत्म कर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जिंदगी की कठिन परिस्थितियों को एक मौका बनाकर न केवल खुद को संभालते हैं, बल्कि मिसाल बन जाते हैं। अमेरिका की शैनन और चेयेन भी कुछ ऐसी ही दो सहेलियां हैं, जिन्होंने अपने जीवन के एक मुश्किल फैसले को सकारात्मक रूप में बदल दिया।  दोस्ती ने दिया नया रास्ता शैनन और चेयेन अमेरिका की दो महिलाएं हैं, जिनकी दोस्ती काफी गहरी है। दोनों की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने अपने-अपने पतियों से तलाक लेने का फैसला किया। लेकिन यह तलाक किसी कटुता या झगड़े का नतीजा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी योजना थी, जिसमें दोनों ने तय किया कि वे अब एक साथ रहेंगी और अपने बच्चों को मिलकर पालेंगी।  तलाक के बाद भी जीवन में नया अध्याय तलाक के बाद जहां कई महिलाएं अकेलेपन और जिम्मेदारियों से टूट जाती हैं, वहीं शैनन और चेयेन ने अपने लिए एक नया रास्ता चुना। उन्होंने सिंगल मदर बनने का फैसला किया, और अब एक ही घर में रहकर मिलकर अपने बच्चों की परवरिश कर रही हैं। इनका मानना है कि अकेले बच्चे पालना आसान नहीं होता, लेकिन अगर दो सिंगल मां मिल जाएं, तो ये काम कहीं आसान और बेहतर हो जाता है।  टिकटॉक पर साझा की ज़िंदगी की कहानी शैनन और चेयेन आजकल टिकटॉक पर काफी एक्टिव हैं। वे अपनी जिंदगी के अनुभव, अपने संघर्ष और एक-दूसरे के साथ बिताए पलों को वीडियो के ज़रिए लोगों से साझा करती हैं। इनका एक वीडियो, जिसमें इन्होंने बताया कि वे दोनों कैसे एक-दूसरे के बिना भी घर और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाती हैं, 7.6 मिलियन (76 लाख) से अधिक बार देखा जा चुका है।  ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ी हालांकि सोशल मीडिया पर इनके इस फैसले की हर किसी ने सराहना नहीं की। कई लोगों ने इन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया, कुछ ने इसे ‘मर्दों के खिलाफ साजिश’ करार दिया तो कुछ ने इसे असामान्य और दिखावा बताया। लेकिन इन महिलाओं ने हर आलोचना को नज़रअंदाज़ किया और अपने मिशन ‘इंस्पायर और इंडिपेंडेंट मदरहुड’ को जारी रखा।  कैसे चलाते हैं घर? शैनन और चेयेन ने अपने वीडियो में बताया कि वे दोनों घरेलू कामों को आपस में बांट लेती हैं। खाना बनाना, बच्चों को स्कूल छोड़ना, होमवर्क कराना, और बाकी घर के काम – सब कुछ प्लानिंग से किया जाता है। उनका कहना है कि वे दोनों अपने बच्चों को एक जैसा प्यार देती हैं और हमेशा कोशिश करती हैं कि बच्चों को किसी भी चीज़ की कमी महसूस न हो।  नहीं लेते पतियों से गुज़ारा भत्ता सबसे खास बात यह है कि शैनन और चेयेन को अपने एक्स-हस्बेंड्स से न कोई गुज़ारा भत्ता मिलता है और न ही कोई आर्थिक सहयोग। इन दोनों महिलाओं ने जब तलाक लिया, तब ही तय कर लिया था कि वे अपने बच्चों की परवरिश पूरी तरह खुद करेंगी। आज वे खुद को आर्थिक रूप से सक्षम बना चुकी हैं और बिना किसी बाहरी मदद के अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं।  समाज को दिया नया नजरिया शैनन और चेयेन की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो तलाक के बाद खुद को कमजोर महसूस करती हैं या समाज के डर से रिश्तों में बने रहने को मजबूर होती हैं। इन महिलाओं ने दिखाया कि अगर साथ निभाने वाला कोई भरोसेमंद इंसान हो, तो सिंगल पैरेंटिंग भी एक खूबसूरत सफर हो सकता है।  निष्कर्ष शैनन और चेयेन की यह कहानी सिर्फ दो महिलाओं की ज़िंदगी की दास्तान नहीं, बल्कि एक नए तरह के परिवार मॉडल की शुरुआत भी है – जहां खून का रिश्ता जरूरी नहीं होता, लेकिन प्यार, समझ और समर्थन सबसे बड़ी ताकत होती है। इनका सफर बताता है कि ज़िंदगी को अपनी शर्तों पर जीना भी एक कला है और अगर हिम्मत हो, तो

रिश्ते जब केवल औपचारिकता बनकर रह जाएं, जब उनमें न प्यार बचता है और न ही भावनाएं, तब कुछ लोग ऐसे रिश्तों को ढोते रहते हैं, तो कुछ लोग साहस दिखाते हैं और उन्हें खत्म कर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जिंदगी की कठिन परिस्थितियों को एक मौका बनाकर न केवल खुद को संभालते हैं, बल्कि मिसाल बन जाते हैं। अमेरिका की शैनन और चेयेन भी कुछ ऐसी ही दो सहेलियां हैं, जिन्होंने अपने जीवन के एक मुश्किल फैसले को सकारात्मक रूप में बदल दिया।

दोस्ती ने दिया नया रास्ता

शैनन और चेयेन अमेरिका की दो महिलाएं हैं, जिनकी दोस्ती काफी गहरी है। दोनों की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने अपने-अपने पतियों से तलाक लेने का फैसला किया। लेकिन यह तलाक किसी कटुता या झगड़े का नतीजा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी योजना थी, जिसमें दोनों ने तय किया कि वे अब एक साथ रहेंगी और अपने बच्चों को मिलकर पालेंगी।

तलाक के बाद भी जीवन में नया अध्याय

तलाक के बाद जहां कई महिलाएं अकेलेपन और जिम्मेदारियों से टूट जाती हैं, वहीं शैनन और चेयेन ने अपने लिए एक नया रास्ता चुना। उन्होंने सिंगल मदर बनने का फैसला किया, और अब एक ही घर में रहकर मिलकर अपने बच्चों की परवरिश कर रही हैं। इनका मानना है कि अकेले बच्चे पालना आसान नहीं होता, लेकिन अगर दो सिंगल मां मिल जाएं, तो ये काम कहीं आसान और बेहतर हो जाता है।

टिकटॉक पर साझा की ज़िंदगी की कहानी

शैनन और चेयेन आजकल टिकटॉक पर काफी एक्टिव हैं। वे अपनी जिंदगी के अनुभव, अपने संघर्ष और एक-दूसरे के साथ बिताए पलों को वीडियो के ज़रिए लोगों से साझा करती हैं। इनका एक वीडियो, जिसमें इन्होंने बताया कि वे दोनों कैसे एक-दूसरे के बिना भी घर और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाती हैं, 7.6 मिलियन (76 लाख) से अधिक बार देखा जा चुका है।

ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ी

हालांकि सोशल मीडिया पर इनके इस फैसले की हर किसी ने सराहना नहीं की। कई लोगों ने इन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया, कुछ ने इसे ‘मर्दों के खिलाफ साजिश’ करार दिया तो कुछ ने इसे असामान्य और दिखावा बताया। लेकिन इन महिलाओं ने हर आलोचना को नज़रअंदाज़ किया और अपने मिशन ‘इंस्पायर और इंडिपेंडेंट मदरहुड’ को जारी रखा।

कैसे चलाते हैं घर?

शैनन और चेयेन ने अपने वीडियो में बताया कि वे दोनों घरेलू कामों को आपस में बांट लेती हैं। खाना बनाना, बच्चों को स्कूल छोड़ना, होमवर्क कराना, और बाकी घर के काम – सब कुछ प्लानिंग से किया जाता है। उनका कहना है कि वे दोनों अपने बच्चों को एक जैसा प्यार देती हैं और हमेशा कोशिश करती हैं कि बच्चों को किसी भी चीज़ की कमी महसूस न हो।

नहीं लेते पतियों से गुज़ारा भत्ता

सबसे खास बात यह है कि शैनन और चेयेन को अपने एक्स-हस्बेंड्स से न कोई गुज़ारा भत्ता मिलता है और न ही कोई आर्थिक सहयोग। इन दोनों महिलाओं ने जब तलाक लिया, तब ही तय कर लिया था कि वे अपने बच्चों की परवरिश पूरी तरह खुद करेंगी। आज वे खुद को आर्थिक रूप से सक्षम बना चुकी हैं और बिना किसी बाहरी मदद के अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं।

समाज को दिया नया नजरिया

शैनन और चेयेन की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो तलाक के बाद खुद को कमजोर महसूस करती हैं या समाज के डर से रिश्तों में बने रहने को मजबूर होती हैं। इन महिलाओं ने दिखाया कि अगर साथ निभाने वाला कोई भरोसेमंद इंसान हो, तो सिंगल पैरेंटिंग भी एक खूबसूरत सफर हो सकता है

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