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100 साल बाद लाइब्रेली के रूप में बदल जाएगा ये पूरा जंगल, जानिए क्या है इसकी वजह

फिदेल कास्त्रो का नाम दुनिया के सबसे चर्चित नेताओं में शुमार होता है। कैरेबियाई सागर में बसे द्वीपीय देश क्यूबा पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाले कास्त्रो, प्रधानमंत्री और बाद में राष्ट्रपति के रूप में दशकों तक सत्ता में रहे।  निजी जीवन में भी रिकॉर्ड फिदेल कास्त्रो के जीवन से जुड़ी एक सनसनीखेज जानकारी डॉक्यूमेंट्रीज़ और रिपोर्ट्स में सामने आई है। कहा जाता है कि 82 साल की उम्र तक उन्होंने करीब 35,000 महिलाओं से संबंध बनाए थे। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा के एक अधिकारी ने दावा किया था कि कास्त्रो रोजाना दो महिलाओं के साथ संबंध बनाते थे और यह सिलसिला लगभग चार दशक तक चला।  क्रांति से सत्ता तक का सफर कास्त्रो ने 1959 में अमेरिकी समर्थक तानाशाह फुल्गेंकियो बतिस्ता की सत्ता को उखाड़ फेंका और क्यूबा में समाजवादी सरकार की स्थापना की। उन्हें कम्युनिस्ट क्यूबा का जनक माना जाता है। वह ब्रिटेन की महारानी और थाईलैंड के राजा के बाद दुनिया के तीसरे सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले राष्ट्राध्यक्ष बने।  1959 से 1976 तक क्यूबा के प्रधानमंत्री  1976 से 2008 तक राष्ट्रपति रहे। उनका निधन 25 नवंबर, 2016 को 90 वर्ष की उम्र में हुआ।  भाषण और गाय के नाम भी वर्ल्ड रिकॉर्ड फिदेल कास्त्रो का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।  29 सितंबर 1960 को संयुक्त राष्ट्र में उन्होंने 4 घंटे 29 मिनट का भाषण दिया था।  1986 में क्यूबा में उन्होंने 7 घंटे 10 मिनट लंबा भाषण देकर नया रिकॉर्ड बनाया।  यही नहीं, उनकी पालित गाय 'उब्रे ब्लांसा' ने भी विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस गाय ने एक दिन में 110 लीटर दूध देकर नया इतिहास रचा था।

सोचिए, कोई आज से 100 साल बाद के लिए किताबें छपवाने की तैयारी कर रहा हो। सुनने में भले ही ये सपना लगे, लेकिन नॉर्वे में इसे सच किया जा रहा है। ओस्लो के नॉर्डमार्क के जंगल में एक अनोखी पहल की गई है, जिसमें चीड़ के 1000 पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों से सौ साल बाद, यानी 2114 में, कागज बनाया जाएगा और उससे 100 किताबों का प्रकाशन किया जाएगा।

'फॉरेस्ट टू फ्यूचर लाइब्रेरी' प्रोजेक्ट

यह पूरी योजना स्कॉटलैंड की कलाकार केटी पैटरसन के चार साल पुराने प्रोजेक्ट Forest to Future Library का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर साल एक लेखक अपनी पांडुलिपि इस भविष्य की लाइब्रेरी के लिए जमा करेगा।

अभी सिर्फ देख सकते हैं, पढ़ नहीं सकते

फिलहाल, इन रचनाओं को ओस्लो की न्यू पब्लिक डेचमंस्के लाइब्रेरी में एक विशेष लकड़ी से बने कमरे में सुरक्षित रखा जा रहा है। कोई भी व्यक्ति इन किताबों को देख तो सकता है, लेकिन 100 साल पूरे होने तक इन्हें पढ़ने की इजाजत नहीं होगी।

पहला उपन्यास 'स्क्रिबलर मून'

भविष्य की लाइब्रेरी के लिए पहला उपन्यास मशहूर कनाडाई साहित्यकार और बुकर पुरस्कार विजेता मार्गरेट एटवुड ने सौंपा है। उनके उपन्यास का नाम है 'Scribbler Moon', जो अब से 89 साल बाद, साल 2114 में प्रकाशित होगा।

निष्कर्ष

नॉर्वे की यह अनोखी पहल इंसानी सोच और धैर्य का अद्भुत उदाहरण है। जहां आज के समय में लोग तुरंत परिणाम चाहते हैं, वहीं फॉरेस्ट टू फ्यूचर लाइब्रेरी हमें समय के साथ चलने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए कुछ छोड़ने का संदेश देती है।

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