किसानों से मुआवजे के नाम पर वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने दोनों युवकों को जूतों की माला पहनाकर घुमाया
महोबा से किसानों से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवकों पर आरोप है कि वे बारिश से खराब हुई फसलों के मुआवजे के नाम पर किसानों से पैसे वसूल रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों युवक किसानों को मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम मांगते थे।
'किसानों से वसूली कर रहे युवकों को जूतों की माला पहनाई'
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) September 11, 2026
महोबा- ये धीरज और ओमप्रकाश है. किसानों से बारिश में नष्ट हुई फ़सल का मुआवजा दिलाने की एवज में वसूली कर रहे थे. जागरूक किसान ने पकड़ लिया. पहले ब्लाउज व पेटीकोट पहनाया फिर जूतों की माला पहनाकर पुरे गांव में घूमाया.
दोनों… pic.twitter.com/y0R0dLPGRC
'किसानों से वसूली कर रहे युवकों को जूतों की माला पहनाई'
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) September 11, 2026
महोबा- ये धीरज और ओमप्रकाश है. किसानों से बारिश में नष्ट हुई फ़सल का मुआवजा दिलाने की एवज में वसूली कर रहे थे. जागरूक किसान ने पकड़ लिया. पहले ब्लाउज व पेटीकोट पहनाया फिर जूतों की माला पहनाकर पुरे गांव में घूमाया.
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मामला तब सामने आया जब एक किसान को दोनों युवकों की गतिविधियों पर शक हुआ। किसान ने कथित तौर पर उन्हें पकड़ लिया, जिसके बाद गांव में काफी हंगामा मच गया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों युवकों को महिलाओं के कपड़े पहनाकर पूरे गांव में घुमाया और उनके गले में जूतों की माला डाल दी।
बताया जा रहा है कि किसानों में दोनों युवकों को लेकर काफी नाराजगी थी। आरोप यह भी है कि अब तक कई किसानों से इसी तरह पैसे लिए जा चुके थे और रकम लाखों रुपये तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अब किसानों से कथित तौर पर की गई वसूली और पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस घटना ने किसानों को मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने के बाद किसान पहले ही आर्थिक परेशानी से जूझते हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति मुआवजा दिलाने के नाम पर उनसे अवैध रूप से पैसे मांगता है, तो यह उनके लिए दोहरी परेशानी बन जाती है।
हालांकि, ग्रामीणों द्वारा आरोपियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की घटना भी चर्चा में है। किसी भी आरोप की पुष्टि और कानूनी कार्रवाई का अधिकार पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
फिलहाल पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किसानों से कितनी रकम ली गई और इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

