Samachar Nama
×

दुनिया का अनोखा गांव जहां नहीं है एक भी सड़क, फिर भी हर साल पहुंचते हैं हजारों पर्यटक

दुनिया का अनोखा गांव जहां नहीं है एक भी सड़क, फिर भी हर साल पहुंचते हैं हजारों पर्यटक

दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जो अपनी अनोखी बनावट और प्राकृतिक खूबसूरती के कारण लोगों को हैरान कर देती हैं। आपने कई खूबसूरत शहर, गांव और पर्यटन स्थल देखे होंगे, जहां पहुंचने के लिए सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी जगह के बारे में सुना है, जहां हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, मगर वहां एक भी सड़क नहीं है?

यह अनोखी जगह है ईरान के शोमाल (Shomal) क्षेत्र में स्थित मसुलेह गांव (Masuleh Village)। पहाड़ों के बीच बसा यह गांव अपनी खास वास्तुकला और खूबसूरत नजारों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

छत ही बन जाती है लोगों का रास्ता

मसुलेह गांव की सबसे खास बात इसकी अनोखी बनावट है। यह गांव पहाड़ी ढलान पर इस तरह बसा हुआ है कि एक घर की छत दूसरे घर के लिए रास्ते का काम करती है। यानी यहां नीचे वाले मकान की छत पर ऊपर रहने वाले लोग चलते हैं।

गांव में सामान्य सड़कों की जगह छोटे-छोटे पैदल रास्ते हैं। यहां गाड़ियों का पहुंचना लगभग नामुमकिन है, इसलिए लोग पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं।

प्रकृति के बीच बसा है खूबसूरत गांव

मसुलेह चारों तरफ से पहाड़ों, हरियाली और बादलों से घिरा हुआ है। बारिश और कोहरे के समय इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि यह गांव ईरान के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है।

गांव की पारंपरिक पीली इमारतें, संकरी गलियां और पहाड़ी वातावरण इसे बाकी जगहों से अलग बनाते हैं। यहां आने वाले पर्यटक इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल का आनंद लेते हैं।

सदियों पुरानी है गांव की बसावट

मसुलेह की बसावट कई सदियों पुरानी मानी जाती है। यहां के लोगों ने पहाड़ी परिस्थितियों के हिसाब से अपने घरों का निर्माण किया। कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद लोगों ने ऐसा अनोखा गांव तैयार किया, जो आज दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

पर्यटकों के लिए खास अनुभव

मसुलेह आने वाले पर्यटकों के लिए यहां का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। बिना वाहनों के शोर, साफ हवा और पहाड़ों के बीच बसे इस गांव में घूमना किसी पुराने दौर में जाने जैसा महसूस होता है।

यह गांव साबित करता है कि खूबसूरत और अनोखी जगहों के लिए हमेशा आधुनिक सुविधाओं की जरूरत नहीं होती। कई बार प्रकृति और इंसानी समझदारी मिलकर ऐसी जगह बना देती हैं, जो पूरी दुनिया को आकर्षित कर लेती है।

Share this story

Tags