ईरान का अनोखा गांव, जहां छतों पर चलते हैं लोग! 1000 साल पुराने 'रूफ विलेज' का रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान
दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी अनोखी बनावट और परंपराओं के कारण लोगों को हैरान कर देती हैं। ईरान का मसुलेह (Masuleh) गांव भी ऐसी ही एक अद्भुत जगह है। करीब 1,000 साल पुराने इस ऐतिहासिक गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां सड़कें नहीं हैं। एक घर की छत दूसरे घर का रास्ता बन जाती है, इसलिए इसे 'रूफ विलेज' (Roof Village) के नाम से भी जाना जाता है।
यह गांव अपनी अनोखी वास्तुकला, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं, जिन्हें देखकर लोग पहली नजर में हैरान रह जाते हैं।
घरों की छतें ही हैं यहां की सड़कें
मसुलेह गांव ईरान के गिलान प्रांत की पहाड़ियों में बसा हुआ है। यहां घरों का निर्माण पहाड़ की ढलान पर सीढ़ीनुमा शैली में किया गया है। इसी वजह से एक घर की छत ठीक ऊपर बने दूसरे घर के आंगन या रास्ते का काम करती है।
यही कारण है कि गांव में सामान्य सड़कों की जरूरत नहीं पड़ती। लोग एक छत से दूसरी छत पर चलते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। यह अनोखी बनावट दुनिया के सबसे अलग और आकर्षक गांवों में इसकी पहचान बनाती है।
1,000 साल पुराना इतिहास
मसुलेह का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना जाता है। समय के साथ यह गांव अपनी पारंपरिक वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत को आज भी संजोए हुए है। यहां बने अधिकांश घर पीले रंग की मिट्टी, लकड़ी और पत्थरों से तैयार किए गए हैं, जो पहाड़ी मौसम के अनुकूल माने जाते हैं।
गांव की गलियां इतनी संकरी हैं कि यहां चार पहिया वाहन नहीं चल सकते। लोग पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं, जिससे यहां का वातावरण शांत और प्रदूषण मुक्त बना रहता है।
पर्यटकों के बीच खास आकर्षण
बादलों से घिरी पहाड़ियां, हरियाली और पारंपरिक घर मसुलेह को बेहद खूबसूरत बनाते हैं। यही वजह है कि हर साल हजारों पर्यटक इस अनोखे गांव को देखने पहुंचते हैं। यहां स्थानीय बाजार, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजन भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो में अक्सर लोग घरों की छतों पर चलते हुए दिखाई देते हैं, जिसे देखकर पहली बार देखने वाले हैरान रह जाते हैं।
क्यों खास है मसुलेह?
मसुलेह सिर्फ अपनी अनोखी बनावट के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति और इंसानी बस्ती के बेहतरीन तालमेल का भी उदाहरण माना जाता है। यहां की वास्तुकला इस तरह तैयार की गई है कि पहाड़ी भूभाग का पूरा उपयोग हो सके और लोगों को रहने में सुविधा मिले।
आज के आधुनिक दौर में भी यह गांव अपनी सदियों पुरानी पहचान और पारंपरिक जीवनशैली को बनाए हुए है। यही वजह है कि मसुलेह को दुनिया के सबसे अनोखे और खूबसूरत गांवों में गिना जाता है। इसके अनोखे 'रूफ विलेज' मॉडल ने इसे वैश्विक स्तर पर एक खास पहचान दिलाई है।

