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अमेरिका में नई कार की पूजा का अनोखा वीडियो वायरल, पंडित जी ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक से किया मना; वजह जानिए

अमेरिका में नई कार की पूजा का अनोखा वीडियो वायरल, पंडित जी ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक से किया मना; वजह जानिए

अमेरिका में नई कार की पूजा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भारतीय परंपरा के अनुसार नई कार की पूजा करते हुए पंडित जी कार पर ‘ॐ’ का निशान बनाते नजर आ रहे हैं, लेकिन जब स्वस्तिक बनाने की बात आती है तो वह ऐसा करने से मना कर देते हैं। पंडित जी के इस फैसले ने लोगों का ध्यान खींच लिया और अब सोशल मीडिया पर इसकी वजह को लेकर चर्चा हो रही है।

नई कार की पूजा का वीडियो हुआ वायरल

वायरल वीडियो में एक परिवार अमेरिका में अपनी नई कार की पूजा कराता दिखाई देता है। पूजा के दौरान पंडित जी वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हैं और कार पर धार्मिक प्रतीक बनाने की प्रक्रिया भी होती है।

भारतीय परिवारों में नई गाड़ी खरीदने के बाद उसकी पूजा करना आम परंपरा है। लोग वाहन को शुभ मानकर नारियल फोड़ते हैं, आरती करते हैं और उस पर ॐ, स्वस्तिक या अन्य शुभ चिह्न बनाते हैं।

लेकिन इस वीडियो में पंडित जी ने ‘ॐ’ का निशान तो बनाया, मगर स्वस्तिक बनाने से इनकार कर दिया।

अमेरिका में स्वस्तिक को लेकर अलग संदर्भ

दरअसल, भारत में स्वस्तिक हजारों वर्षों से मंगल, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।

लेकिन पश्चिमी देशों में, खासकर अमेरिका और यूरोप में, स्वस्तिक को अक्सर नाजी जर्मनी और एडोल्फ हिटलर के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। नाजी शासन ने स्वस्तिक के एक विशेष रूप को अपने राजनीतिक प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया था।

इसी ऐतिहासिक संदर्भ के कारण पश्चिमी समाज में स्वस्तिक को लेकर संवेदनशीलता काफी अधिक है।

पंडित जी ने क्यों किया मना?

वायरल वीडियो में पंडित जी कथित तौर पर इसी वजह से कार पर स्वस्तिक बनाने से बचते दिखाई देते हैं। उनका उद्देश्य धार्मिक परंपरा को छोड़ना नहीं, बल्कि स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना बताया जा रहा है।

इसके बजाय उन्होंने कार पर ‘ॐ’ का निशान बनाया, जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और अमेरिका में भी भारतीय धार्मिक पहचान के प्रतीक के तौर पर व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है।

हालांकि, वीडियो में पंडित जी के इनकार की सटीक वजह और पूरी परिस्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वायरल क्लिप को उसके संदर्भ के साथ ही देखना उचित होगा।

भारत और अमेरिका में एक ही प्रतीक का अलग अर्थ

इस घटना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक ही प्रतीक अलग-अलग संस्कृतियों में बिल्कुल अलग अर्थ रख सकता है। भारत में स्वस्तिक शुभता और मंगल का प्रतीक है, जबकि पश्चिमी देशों में इसका संबंध नाजी इतिहास से जुड़ गया है।

यही सांस्कृतिक अंतर विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों के लिए कई बार असमंजस की स्थिति पैदा करता है।

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