चीन के कॉमिक कॉन में 'पैरों का रस' बेचने का अजीब ट्रेंड, नींबू पानी में पैर डुबोकर बेचने पर भड़का इंटरनेट
सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे अजीबोगरीब ट्रेंड सामने आते हैं, जो लोगों को हैरान कर देते हैं। चीन के एक कॉमिक कॉन इवेंट से जुड़ा ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां कुछ महिला कॉस्प्लेयर्स ने कथित तौर पर नींबू पानी में अपने नंगे पैर डुबोकर उसे 'पैरों का रस' नाम से बेचा। इस अजीब गतिविधि का वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने जमकर नाराजगी जाहिर की है।
वायरल वीडियो में कुछ कॉस्प्लेयर्स को एक स्टॉल के पास देखा जा सकता है, जहां वे नींबू पानी से भरे कंटेनर में अपने पैर डालती नजर आ रही हैं। इसके बाद उसी पेय को 'फुट जूस' यानी 'पैरों का रस' के नाम से लोगों को बेचे जाने का दावा किया गया। यह देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए और उन्होंने इसे अस्वच्छ और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया।
लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को इस तरह तैयार करना स्वच्छता के बुनियादी नियमों के खिलाफ है। कई यूजर्स ने कहा कि मनोरंजन और वायरल होने की कोशिश में इस तरह के प्रयोग लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।
वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह कॉमिक कॉन संस्कृति में मौजूद अजीबोगरीब मार्केटिंग और ध्यान आकर्षित करने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। कॉस्प्ले इवेंट्स में अक्सर लोग अपने पसंदीदा किरदारों की वेशभूषा पहनते हैं और अलग-अलग तरह के क्रिएटिव आइडिया पेश करते हैं, लेकिन इस घटना ने स्वच्छता और सीमाओं को लेकर बहस छेड़ दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में बिकने वाले खाद्य और पेय पदार्थों में साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। किसी भी पेय में पैरों को डालना संक्रमण और बैक्टीरिया फैलने का कारण बन सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस घटना के बाद लोगों ने आयोजकों से भी सवाल पूछे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए, जिनसे स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले की वास्तविकता और आयोजन की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि इंटरनेट पर वायरल होने के लिए किए गए अनोखे प्रयोग कितनी तेजी से चर्चा का विषय बन सकते हैं। फिलहाल, 'पैरों के रस' वाला यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर विवाद और बहस का कारण बना हुआ है।

