कानपुर विवाद में आया नया ट्विस्ट! अंजलि अरोड़ा ने वीडियो में किए चौंकाने वाले खुलासे!
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कलाकार अंजलि अरोड़ा ने कानपुर विवाद को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए अपने दौरे के दौरान हुए अनुभवों के बारे में बताया। अंजलि का कहना है कि किसी भी महिला कलाकार की सुरक्षा, सम्मान और सहजता का ध्यान रखना आयोजकों की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, कानपुर पहुंचने से लेकर होटल में ठहरने तक कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे वह असहज महसूस करने लगी थीं।
अंजलि अरोड़ा ने कानपुर विवाद पर अपना वीडियो शेयर किया है l
— Vishal M. Yadav (@VishalMYadav_) October 19, 2026
अंजली अरोड़ा, "जब मैं कानपुर एयरपोर्ट पहुँची तो उसमे पहले से तीन आदमी बैठे हुए थे,
क्या किसी महिला कलाकार को लेने गाड़ी भेजी गई तो उसकी सुरक्षा और सहजता का ख्याल नहीं रखना चाहिए,
इसके बाद, जब होटल पहुँची तो लगभग 25… pic.twitter.com/93WD2eDrB0
अंजलि अरोड़ा ने कानपुर विवाद पर अपना वीडियो शेयर किया है l
— Vishal M. Yadav (@VishalMYadav_) October 19, 2026
अंजली अरोड़ा, "जब मैं कानपुर एयरपोर्ट पहुँची तो उसमे पहले से तीन आदमी बैठे हुए थे,
क्या किसी महिला कलाकार को लेने गाड़ी भेजी गई तो उसकी सुरक्षा और सहजता का ख्याल नहीं रखना चाहिए,
इसके बाद, जब होटल पहुँची तो लगभग 25… pic.twitter.com/93WD2eDrB0
एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद थे तीन लोग
अंजलि अरोड़ा के मुताबिक, जब वह कानपुर एयरपोर्ट पहुंचीं, तो वहां पहले से तीन लोग मौजूद थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी महिला कलाकार को लेने के लिए गाड़ी भेजी जाती है, तो उसकी सुरक्षा और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।अंजलि का कहना है कि किसी कार्यक्रम में कलाकार को बुलाना केवल आयोजन तक सीमित नहीं होता। उसके आने-जाने, ठहरने और निजी समय के दौरान भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उसे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
होटल में 25 लोगों के पहुंचने से हुईं असहज
अंजलि ने अपने वीडियो में दावा किया कि जब वह होटल पहुंचीं, तो उन्हें छोड़ने के लिए करीब 25 लोग वहां आ गए। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आसपास मौजूद होना उन्हें असहज कर गया।उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार की अपनी निजी जगह और व्यक्तिगत सीमाएं होती हैं। कार्यक्रम में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी निजता का ध्यान न रखा जाए।
खाना मंगाया तो फोटो लेने के लिए कमरे में पहुंचे लोग
अंजलि ने आरोप लगाया कि स्थिति तब और असहज हो गई, जब उन्होंने होटल में खाना ऑर्डर किया। उनके मुताबिक, वेटर के साथ तीन लोग फोटो खिंचवाने के लिए कमरे में आ गए।उन्होंने यह भी कहा कि उनके कमरे की घंटी हर 10 मिनट में बज रही थी। अंजलि ने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला कलाकार के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है? उनके अनुसार, लगातार लोगों का कमरे के बाहर आना और निजी समय में दखल देना उन्हें परेशान करने वाला अनुभव था।
कानपुर को लेकर दिए बयान का गलत मतलब निकाला गया?
अंजलि अरोड़ा ने अपने शो के दौरान कानपुर में कलाकारों के आने को लेकर जो टिप्पणी की थी, उस पर भी सफाई दी। उनका कहना है कि उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया।उनके मुताबिक, जब कलाकारों को सुरक्षा और निजी स्वतंत्रता से जुड़ी परेशानियां होती हैं, तो वे किसी शहर में कार्यक्रम करने को लेकर असहज हो सकते हैं। अंजलि का दावा है कि उनकी टिप्पणी का मकसद किसी शहर के लोगों का अपमान करना नहीं, बल्कि अपने अनुभव और परेशानी को सामने रखना था।
‘मैं भी इंसान हूं, मेरी भी इज्जत है’
अपने बयान में अंजलि ने कहा कि वह भी एक इंसान हैं और उनका भी आत्मसम्मान है। उन्होंने जोर दिया कि महिला कलाकारों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।उनका संदेश साफ है कि किसी कलाकार की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान उसकी निजी सीमाओं को खत्म नहीं कर देती। फोटो लेने या मिलने की इच्छा रखने वालों को भी उसकी सहमति और सुविधा का सम्मान करना चाहिए।
अब कानपुर विवाद में आगे क्या होगा?
अंजलि अरोड़ा के इस बयान के बाद विवाद पर चर्चा फिर तेज हो सकती है। एक तरफ उनके अनुभवों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पूरे मामले को समझने के लिए आयोजकों और अन्य संबंधित पक्षों का पक्ष भी सामने आना जरूरी है।फिलहाल अंजलि ने अपने वीडियो के जरिए अपनी बात रखी है। उनके आरोपों और घटनाओं के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि सामने आए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

