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मरे बच्चे को 6 दिन तक पीठ पर लेकर तैरती रही मां डॉल्फिन, दिल दहला देगा ऑस्ट्रेलिया का ये वीडियो

मरे बच्चे को 6 दिन तक पीठ पर लेकर तैरती रही मां डॉल्फिन, दिल दहला देगा ऑस्ट्रेलिया का ये वीडियो

प्रकृति में मां और बच्चे के बीच का रिश्ता कितना गहरा होता है, इसका एक बेहद भावुक उदाहरण ऑस्ट्रेलिया से सामने आया है। समुद्र में एक मां डॉल्फिन अपने मृत बच्चे को कई दिनों तक पीठ पर लेकर तैरती रही। बताया जा रहा है कि डॉल्फिन करीब छह दिनों तक अपने बच्चे के शव को समुद्र में साथ लेकर घूमती रही। इस दुर्लभ घटना को ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड किया गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में मां डॉल्फिन समुद्र की सतह पर तैरती दिखाई देती है। उसके शरीर के ऊपर उसका मृत बच्चा नजर आता है। डॉल्फिन लगातार आगे बढ़ती रहती है और अपने बच्चे को अपने साथ लेकर समुद्र में घूमती रहती है। इस दृश्य ने वीडियो देखने वाले लोगों को भावुक कर दिया।

वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी डॉल्फिन का ऐसा व्यवहार बेहद दिलचस्प माना जाता है। वैज्ञानिक लंबे समय से डॉल्फिन और अन्य समुद्री स्तनधारियों में मृत बच्चों के प्रति दिखाई देने वाले व्यवहार का अध्ययन करते रहे हैं। कई मामलों में मां डॉल्फिन मृत बच्चे के शरीर को अपने साथ रखती है और उसे छोड़ने में काफी समय लगाती है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस व्यवहार के पीछे कई कारण हो सकते हैं। डॉल्फिन अपने बच्चों की देखभाल के दौरान उन्हें लंबे समय तक अपने शरीर के पास रखती हैं। बच्चे की मौत के बाद भी मां के व्यवहार में कुछ समय तक वही देखभाल वाली प्रवृत्ति बनी रह सकती है। यह भी संभव है कि मां डॉल्फिन को तुरंत यह समझ न आए कि उसका बच्चा अब जीवित नहीं है।

समुद्र में डॉल्फिन अपने बच्चों को तैरना, सांस लेने और भोजन हासिल करने जैसी जरूरी गतिविधियां सीखने में मदद करती हैं। मां और बच्चे के बीच मजबूत सामाजिक संबंध होता है। इसलिए बच्चे की मौत के बाद मां का उसके शरीर को अपने साथ लेकर घूमना वैज्ञानिकों के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ व्यवहारिक अध्ययन का विषय भी है।

ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए इस दृश्य ने सोशल मीडिया यूजर्स को भी झकझोर दिया। लोगों ने कहा कि इंसान हो या जानवर, मां और बच्चे के बीच का लगाव बेहद गहरा होता है। कई यूजर्स ने वीडियो को प्रकृति के सबसे मार्मिक दृश्यों में से एक बताया।

हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक जानवरों के व्यवहार को सीधे मानवीय भावनाओं के समान समझना उचित नहीं है। डॉल्फिन में शोक या दुख की भावना किस तरह काम करती है, इसे लेकर वैज्ञानिक अभी भी अध्ययन कर रहे हैं। इसलिए इस घटना को देखकर भावनात्मक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है, लेकिन इसके पीछे की वैज्ञानिक वजहों को सावधानी से समझना जरूरी है।

ऑस्ट्रेलिया में सामने आया यह दृश्य एक बार फिर समुद्री जीवों की जटिल सामाजिक दुनिया की ओर ध्यान खींचता है। मां डॉल्फिन का छह दिनों तक अपने मृत बच्चे को साथ लेकर तैरना भले ही इंसानों के लिए बेहद दर्दनाक दृश्य हो, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह समुद्री स्तनधारियों के व्यवहार को समझने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो लोगों को भावुक करने के साथ प्रकृति के उस पक्ष की याद दिला रहा है, जहां जीवों के बीच बनने वाले रिश्ते और उनका व्यवहार आज भी वैज्ञानिकों के लिए कई अनसुलझे सवाल छोड़ते हैं।

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