जिंदा शख्स का बना दिया मृत्यु प्रमाण पत्र, चित्रकूट में सरकारी लापरवाही से परेशान हुआ परिवार
आमतौर पर किसी व्यक्ति की मौत के बाद ही उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक जिंदा व्यक्ति का ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसके बाद उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामला सामने आने के बाद पीड़ित व्यक्ति सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है और अपनी पहचान को दोबारा साबित करने की कोशिश कर रहा है।
जिंदा होने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में मृत
जानकारी के मुताबिक, चित्रकूट के रहने वाले एक व्यक्ति को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसे पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। उसके नाम पर बाकायदा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो चुका था।
इसके बाद उसे कई जरूरी कामों में परेशानी आने लगी। सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्ज होने की वजह से उसकी पहचान और अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया।
गलती से बिगड़ी जिंदगी की मुश्किलें
पीड़ित का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में हुई इस गलती के कारण उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ उसे खुद के जिंदा होने का प्रमाण देना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ दस्तावेजों को ठीक कराने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ऐसी स्थिति में बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी कामों पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
जिम्मेदारों पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद सरकारी व्यवस्था और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज को जारी करने से पहले सही तरीके से सत्यापन किया जाना चाहिए।
वहीं, पीड़ित ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और व्यक्ति के साथ ऐसी परेशानी न हो।
रिकॉर्ड सुधारने की कोशिश जारी
प्रशासनिक स्तर पर अब इस मामले को सुधारने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों की ओर से रिकॉर्ड की जांच कर गलत जारी हुए मृत्यु प्रमाण पत्र को दुरुस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सरकारी दस्तावेजों में छोटी सी गलती भी आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित किए जाने का यह मामला फिलहाल इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

