यहां पैदा हुआ 2 सिर और 8 पैरों वाला बछड़ा, 5 घंटे चली सर्जरी, डॉक्टरों ने बताई वजह
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक बेहद दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक गाय ने ऐसे बछड़े को जन्म दिया, जिसके दो सिर, चार आंखें और आठ पैर थे। जन्म के बाद बछड़े की हालत बेहद गंभीर थी। पशु चिकित्सकों की टीम ने करीब पांच घंटे तक सर्जरी और जरूरी उपचार कर उसे बचाने की कोशिश की। इस असामान्य जन्म को देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बीरभूम जिले के एक गांव का बताया जा रहा है। गाय के प्रसव के दौरान जब बछड़ा बाहर आया तो उसके शरीर की बनावट सामान्य नहीं थी। उसके दो सिर और आठ पैर देखकर परिवार के लोग घबरा गए। जानकारी मिलने के बाद पशु चिकित्सकों को बुलाया गया।
पांच घंटे तक चला इलाज
बछड़े की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब पांच घंटे तक सर्जरी और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया चली। डॉक्टरों ने बछड़े को स्थिर रखने और उसकी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी की।
इस तरह के मामलों में जन्म के समय ही शरीर में कई तरह की जटिलताएं मौजूद होती हैं। इसलिए उपचार करना सामान्य बछड़े की तुलना में काफी चुनौतीपूर्ण होता है। डॉक्टरों की टीम ने उपलब्ध संसाधनों के साथ बछड़े की हालत सुधारने का प्रयास किया।
डॉक्टरों ने बताई जन्म की वजह
पशु चिकित्सकों के मुताबिक, यह मामला भ्रूण के विकास के दौरान हुई असामान्य जैविक प्रक्रिया से जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति को जन्मजात विकृति या कंजॉइंड ट्विनिंग से जोड़ा जाता है। जब गर्भ में भ्रूण का विभाजन पूरी तरह नहीं हो पाता, तब एक ही गर्भ से जुड़े हुए शरीर के अलग-अलग हिस्सों वाला जीव जन्म ले सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास में किसी स्तर पर असामान्यता होने के कारण इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, किसी खास मामले में सटीक कारण जानने के लिए विस्तृत चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।
देखने के लिए जुटे लोग
असामान्य बछड़े के जन्म की खबर फैलते ही आसपास के लोग उसे देखने के लिए पहुंचने लगे। ग्रामीणों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे बेहद दुर्लभ घटना बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पशुओं में इस तरह की जन्मजात विकृतियां बेहद कम देखने को मिलती हैं। ऐसे मामलों में जीवित रहने की संभावना भी उसकी शारीरिक स्थिति और मौजूद जटिलताओं पर निर्भर करती है।
फिलहाल इस असामान्य जन्म ने पशु चिकित्सा जगत के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भी ध्यान खींचा है। दो सिर और आठ पैरों वाले इस बछड़े का मामला एक बार फिर दिखाता है कि प्रकृति में भ्रूण विकास के दौरान होने वाले बदलाव कितने असाधारण रूप ले सकते हैं।

