फ्रांस से मुंबई रहने आ गया 23 साल का लड़का, बोला- सिर्फ 3 हफ्ते में जिंदगी ने सबक सिखा दिया
विदेश में रहने और फिर भारत आकर जिंदगी शुरू करने का अनुभव किसी के लिए भी आसान नहीं होता। अलग संस्कृति, भाषा, मौसम, ट्रैफिक और लोगों की जीवनशैली के बीच खुद को ढालना बड़ी चुनौती हो सकती है। अब फ्रांस से मुंबई रहने आए 23 साल के एक युवक की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। भारत में रहने के महज तीन हफ्तों के अनुभव ने उसे जिंदगी और लोगों को देखने का एक नया नजरिया दे दिया।
युवक के मुताबिक, फ्रांस में उसकी जिंदगी काफी अलग थी। वहां रोजमर्रा के काम एक तय तरीके और व्यवस्था के अनुसार चलते थे। मुंबई आने के बाद उसे बिल्कुल अलग माहौल का सामना करना पड़ा। शहर की तेज रफ्तार, भीड़भाड़, ट्रैफिक और लगातार भागती जिंदगी ने शुरुआत में उसे काफी हैरान किया।
मुंबई पहुंचने के बाद सबसे पहले उसे शहर की रफ्तार ने प्रभावित किया। सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। लोकल ट्रेन, बस, ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के बीच लाखों लोग रोज अपने काम पर पहुंचने के लिए सफर करते हैं। युवक का कहना है कि शुरुआत में यह सब उसे अव्यवस्थित लगा, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे समझ आने लगा कि यही मुंबई की खासियत है।
तीन हफ्तों के दौरान उसे यह भी महसूस हुआ कि मुंबई में अलग-अलग आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग एक साथ रहते और काम करते हैं। कोई बड़ी कंपनी में नौकरी करता है तो कोई छोटी दुकान, रेहड़ी या सर्विस सेक्टर में काम करके अपना घर चलाता है। इसके बावजूद शहर की रफ्तार किसी के लिए नहीं रुकती।
युवक ने लोगों के व्यवहार को भी अपने अनुभव का अहम हिस्सा बताया। उसके अनुसार, मुंबई में लोग व्यस्त जरूर रहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर मदद करने वाले लोग भी मिल जाते हैं। किसी नए व्यक्ति के लिए स्थानीय ट्रेन का रास्ता समझने से लेकर खाने और रहने की जगह ढूंढने तक छोटी-छोटी मदद उसे कई बार मिली।
हालांकि, मुंबई में रहने के दौरान उसे कुछ मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। भीड़, शोर, ट्रैफिक और तेज जीवनशैली के साथ तालमेल बैठाना उसके लिए आसान नहीं था। लेकिन इन्हीं परिस्थितियों ने उसे धैर्य रखना और छोटी-छोटी चीजों को लेकर शिकायत करने के बजाय परिस्थितियों के साथ आगे बढ़ना सिखाया।
युवक का कहना है कि सिर्फ तीन हफ्तों में उसे समझ आया कि किसी शहर को सिर्फ उसकी सड़कों, इमारतों या सुविधाओं से नहीं समझा जा सकता। वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी और उनकी रोजमर्रा की मेहनत शहर की असली पहचान बनाती है।
फ्रांस से मुंबई आए इस 23 वर्षीय युवक का अनुभव सोशल मीडिया पर लोगों को इसलिए भी पसंद आ रहा है क्योंकि उसने बहुत कम समय में दो बिल्कुल अलग जीवनशैलियों की तुलना करीब से महसूस की। उसके मुताबिक, मुंबई ने उसे सिर्फ एक नए शहर में रहने का अनुभव नहीं दिया, बल्कि जिंदगी को लेकर कई जरूरी सबक भी सिखाए।
तीन हफ्तों का यह अनुभव उसके लिए भले ही छोटा हो, लेकिन इस दौरान मिली सीख ने उसके नजरिए पर गहरा असर डाला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई में उसका यह सफर आगे उसे किस तरह के नए अनुभव देता है।

