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टैक्सी ड्राइवर से कंपनी के हेड ऑफ प्रोक्योरमेंट तक पहुंचा शख्स, 10 साल पुरानी कहानी ने जीता इंटरनेट का दिल

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किसी कंपनी में करियर की शुरुआत अगर टैक्सी ड्राइवर के तौर पर हो और करीब एक दशक बाद वही व्यक्ति कंपनी में Head of Procurement की जिम्मेदारी संभालने लगे, तो यह कहानी निश्चित रूप से प्रेरणा देने वाली है। ऐसी ही एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां एक कर्मचारी की मेहनत और कंपनी के भरोसे ने उसके करियर को पूरी तरह बदल दिया।

कंपनी का पहला कर्मचारी था टैक्सी ड्राइवर

वायरल पोस्ट के मुताबिक, करीब 10 साल पहले जब Adonmo अपने शुरुआती दौर में थी, तब कंपनी के संस्थापकों ने एक टैक्सी ड्राइवर को अपना पहला कर्मचारी बनाया था। उस समय कुछ लोगों ने इस फैसले पर सवाल भी उठाए थे।

लोगों को शायद यह समझ नहीं आया कि एक टैक्सी ड्राइवर किसी तेजी से बढ़ती टेक कंपनी के लिए किस तरह उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन कंपनी के संस्थापकों ने व्यक्ति की डिग्री या शुरुआती नौकरी से ज्यादा उसकी मेहनत, भरोसे और सीखने की क्षमता को महत्व दिया।

समय के साथ बदलती गई जिम्मेदारी

कंपनी के साथ काम करते हुए इस कर्मचारी ने धीरे-धीरे नई जिम्मेदारियां संभालीं और अपने काम का दायरा बढ़ाया। टैक्सी चलाने से शुरू हुआ सफर कंपनी के अलग-अलग कामों और जिम्मेदारियों तक पहुंचा।

करीब 10 साल बाद वह व्यक्ति अब Adonmo में Head of Procurement के पद पर काम कर रहा है और पूरे भारत में कंपनी की खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है।

यानी जिस व्यक्ति की नियुक्ति को कभी लोग सवालों के घेरे में देख रहे थे, वही आज कंपनी के महत्वपूर्ण पदों में से एक पर पहुंच चुका है।

डिग्री से ज्यादा जरूरी है काबिलियत

इस कहानी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि किसी व्यक्ति की शुरुआती स्थिति उसके भविष्य को तय नहीं करती। सही अवसर, लगातार मेहनत और सीखने की इच्छा हो तो करियर में बड़ी छलांग लगाई जा सकती है।

कई बार कंपनियां कर्मचारियों को सिर्फ उनकी मौजूदा योग्यता के आधार पर नहीं देखतीं, बल्कि उनके अंदर मौजूद संभावना और सीखने की क्षमता को भी पहचानती हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने कंपनी और कर्मचारी दोनों की तारीफ की। लोगों ने कहा कि कंपनियों में कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए और उनकी पुरानी नौकरी या सामाजिक स्थिति को उनकी क्षमता का पैमाना नहीं बनाना चाहिए।

कुछ यूजर्स ने इस कहानी को ‘सही मौके की ताकत’ बताया, तो कुछ ने कहा कि यह उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने वर्तमान काम को अपनी अंतिम मंजिल समझ लेते हैं।

सफलता की असली कहानी

टैक्सी ड्राइवर से लेकर भारतभर की खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालने तक का यह सफर दिखाता है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ बड़ी डिग्री या शानदार शुरुआत ही जरूरी नहीं होती। कई बार एक मौका, सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत व्यक्ति की पूरी जिंदगी बदल सकते हैं।

करीब 10 साल में बदली इस कर्मचारी की भूमिका आज सोशल मीडिया पर इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह कहानी बताती है कि किसी इंसान की पहचान उसके पहले काम से नहीं, बल्कि वह आगे क्या हासिल करता है उससे बनती है।

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