Samachar Nama
×

हावड़ा की 70 वर्षीय दीपाली घोष ने साबित किया—ढलती उम्र में भी है जज़्बा और जुनून

हावड़ा की 70 वर्षीय दीपाली घोष ने साबित किया—ढलती उम्र में भी है जज़्बा और जुनून

कहते हैं कि ढलती उम्र इंसान को थका देती है, लेकिन हावड़ा की 70 वर्षीय दीपाली घोष ने इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। पिछले 30 सालों से अकेले एक छोटा-सा होटल चलाने वाली दीपाली घोष का जीवन उनके इस छोटे व्यवसाय के इर्द-गिर्द घूमता है। उनके लिए यह होटल केवल रोज़ी-रोटी का जरिया नहीं, बल्कि उनका पूरा संसार है।

दीपाली घोष की कहानी तब सोशल मीडिया पर वायरल हुई जब किसी ने उनके संघर्ष और मेहनत की झलक साझा की। इंस्टाग्राम पर यह वीडियो और तस्वीरें देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गईं। वीडियो में दीपाली को ग्राहकों के लिए खाना बनाते, ऑर्डर संभालते और छोटे-छोटे काम करते हुए देखा जा सकता है। उनके चेहरे की मुस्कान और काम के प्रति समर्पण ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को भावुक कर दिया।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने दीपाली की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनका जज़्बा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कई लोगों ने लिखा कि ऐसे व्यक्तित्व यह साबित करते हैं कि उम्र केवल एक संख्या है और जुनून और लगन कभी कम नहीं होती।

स्थानीय लोग और दीपाली के नियमित ग्राहक भी उनके इस समर्पण को लेकर तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि दीपाली की मेहनत और निष्ठा ने इस छोटे-से होटल को एक पहचान और भरोसे का स्थान बना दिया है। ग्राहक अक्सर कहते हैं कि उनका खाना केवल स्वादिष्ट नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और प्यार का प्रतीक भी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दीपाली घोष जैसे व्यक्तित्व यह संदेश देते हैं कि जीवन में संघर्ष और धैर्य का कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि दीपाली ने अकेले होकर अपने व्यवसाय को सफल बनाकर और लगातार 30 साल मेहनत करके यह साबित किया कि असली शक्ति और जुनून मन में बसते हैं, उम्र में नहीं।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल कैसे प्रेरणा और सकारात्मक उदाहरण फैलाने का काम कर सकता है। इंस्टाग्राम पर वायरल होने के बाद दीपाली घोष को कई लोग संदेश भेजकर उनके काम की सराहना कर रहे हैं और उनसे प्रेरणा लेने की बात कह रहे हैं।

दीपाली का कहना है कि उनके लिए होटल केवल काम नहीं, बल्कि जीवन का तरीका और पहचान है। उन्होंने कहा कि वे इस उम्र में भी अपने काम को पूरी लगन से करती हैं और इससे उन्हें खुशी और संतोष मिलता है।

Share this story

Tags