Samachar Nama
×

48 साल के अरबपति ब्रायन जॉनसन का दावा- लैब में तैयार किया अपना ‘बेबी क्लोन’, जानिए क्या है इस चौंकाने वाले प्रयोग की कहानी
48 साल के अरबपति ब्रायन जॉनसन का दावा- लैब में तैयार किया अपना ‘बेबी क्लोन’, जानिए क्या है इस चौंकाने वाले प्रयोग की कहानी

टेक्नोलॉजी और लंबी उम्र (Longevity) पर अपने प्रयोगों को लेकर चर्चा में रहने वाले अरबपति ब्रायन जॉनसन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 48 वर्षीय जॉनसन ने दावा किया है कि उन्होंने लैब की पेट्री डिश में अपना एक "बेबी क्लोन" तैयार किया है। उनके इस दावे ने सोशल मीडिया और विज्ञान जगत में नई बहस छेड़ दी है।

ब्रायन जॉनसन पहले भी अपने शरीर को युवा बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयोगों और महंगे हेल्थ प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। अब उनका यह कथित क्लोनिंग प्रयोग लोगों के बीच उत्सुकता और सवाल दोनों पैदा कर रहा है।

क्या है ‘बेबी क्लोन’ का दावा?

जॉनसन के अनुसार, यह प्रयोग उनकी जैविक पहचान और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े शोध का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि लैब में विकसित यह "बेबी क्लोन" उनके जेनेटिक मटेरियल से जुड़ा हुआ है।

हालांकि, क्लोनिंग जैसे विषयों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में काफी सावधानी बरती जाती है। अभी तक इंसानों की सफल क्लोनिंग का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक उदाहरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

क्या इंसानों की क्लोनिंग संभव है?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो किसी जीव की क्लोनिंग एक बेहद जटिल प्रक्रिया है। जानवरों में क्लोनिंग के सफल प्रयोग हो चुके हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध उदाहरण भेड़ डॉली (Dolly the sheep) का है।

लेकिन इंसान की क्लोनिंग अभी भी वैज्ञानिक, नैतिक और कानूनी चुनौतियों से घिरी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव क्लोनिंग के लिए तकनीकी कठिनाइयों के साथ-साथ कई नैतिक सवाल भी जुड़े हैं।

ब्रायन जॉनसन पहले भी कर चुके हैं अनोखे प्रयोग

ब्रायन जॉनसन अपनी उम्र को कम दिखाने और शरीर को युवा बनाए रखने के लिए कई तरह के प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। वह डाइट, एक्सरसाइज, मेडिकल टेस्ट और आधुनिक तकनीकों की मदद से अपनी जैविक उम्र को नियंत्रित करने की कोशिश करते रहे हैं।

उनका प्रोजेक्ट "एंटी-एजिंग" और लंबी उम्र की रिसर्च को लेकर काफी चर्चा में रहा है। हालांकि, उनके कई तरीकों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अलग-अलग राय भी रही है।

विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

ब्रायन जॉनसन के "बेबी क्लोन" वाले दावे को लेकर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी बड़े वैज्ञानिक दावे के लिए स्वतंत्र शोध, प्रमाण और प्रकाशित अध्ययन जरूरी होते हैं।

बिना वैज्ञानिक प्रमाण के ऐसे दावों को पूरी तरह सच मानना मुश्किल होता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जॉनसन के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भविष्य की तकनीक की झलक बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे अविश्वसनीय दावा मान रहे हैं।

फिलहाल ब्रायन जॉनसन का यह कथित प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला एक बार फिर इंसानी क्लोनिंग, जैविक विज्ञान और भविष्य की तकनीक को लेकर बहस को तेज कर रहा है।

Share this story

Tags