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असम में 23 महीने के बच्चे ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड, 'गूगल जैसा दिमाग' देखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने की तारीफ

असम में 23 महीने के बच्चे ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड, 'गूगल जैसा दिमाग' देखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने की तारीफ

कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। असम के एक छोटे से बच्चे ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। महज 23 महीने की उम्र में बच्चे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। बच्चे की याददाश्त और सीखने की क्षमता को देखते हुए उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर भी इस बच्चे की कहानी तेजी से वायरल हो रही है और लोग उसकी प्रतिभा की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

इतनी कम उम्र में दिखाई अद्भुत याददाश्त

रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के इस बच्चे ने अपनी कम उम्र में कई चीजों को पहचानने और याद रखने की क्षमता दिखाई। बताया जा रहा है कि बच्चा कई तरह की जानकारियां आसानी से याद कर लेता है और पूछने पर उनका जवाब भी देता है।

उसकी इसी असाधारण स्मरण शक्ति को देखकर परिवार और आसपास के लोग हैरान रह गए। बच्चे की प्रतिभा सामने आने के बाद उसे रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुत किया गया, जहां उसकी क्षमता का आकलन किया गया।

'गूगल जैसा दिमाग' कहकर लोग कर रहे तारीफ

सोशल मीडिया पर बच्चे की याददाश्त को लेकर लोग उसे मजाकिया अंदाज में 'गूगल जैसा दिमाग' कह रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि इतनी छोटी उम्र में इतनी जानकारी याद रखना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।

कई लोगों ने बच्चे के माता-पिता की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने बच्चे की प्रतिभा को पहचाना और उसे आगे बढ़ने का मौका दिया।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

बच्चे की उपलब्धि को देखते हुए उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि आमतौर पर इतनी कम उम्र के बच्चों में ऐसी क्षमताओं का प्रदर्शन बहुत कम देखने को मिलता है।

रिकॉर्ड में नाम दर्ज होना बच्चे और उसके परिवार के लिए गर्व का पल है। परिवार का कहना है कि वे बच्चे की रुचि और सीखने की क्षमता को आगे भी प्रोत्साहित करेंगे।

माता-पिता की भूमिका भी अहम

बच्चों की शुरुआती उम्र में उनका मानसिक विकास तेजी से होता है। इस दौरान माता-पिता का व्यवहार, माहौल और सीखने के अवसर उनकी क्षमताओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि हर बच्चे में अलग-अलग प्रतिभाएं होती हैं। जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और सही दिशा देने की होती है।

सोशल मीडिया पर मिल रही बधाइयां

बच्चे की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उसे शुभकामनाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे देश के लिए गर्व का पल बताया तो कुछ ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चे की उपलब्धि प्रेरणादायक है।

हालांकि, रिकॉर्ड से जुड़ी सटीक जानकारी, बच्चे द्वारा याद की गई चीजों की संख्या और प्रदर्शन से जुड़े सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

फिर भी असम के इस नन्हे बच्चे की कहानी ने यह जरूर साबित कर दिया है कि प्रतिभा को उम्र की सीमा में बांधा नहीं जा सकता। कभी-कभी छोटी सी उम्र में भी ऐसी क्षमताएं सामने आ जाती हैं, जो पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं।

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