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घर की सफाई में मिली 20 साल पुरानी SBI पासबुक, खाते में जमा हैं 1 लाख रुपये; जानें मृत्यु के बाद पैसे निकालने का पूरा नियम

घर की सफाई में मिली 20 साल पुरानी SBI पासबुक, खाते में जमा हैं 1 लाख रुपये; जानें मृत्यु के बाद पैसे निकालने का पूरा नियम

कई बार घर की सफाई या पुराने सामान को खंगालते समय ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जो परिवार के लिए बड़ी अहमियत रखती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक परिवार को सफाई के दौरान दादा जी की करीब 20 साल पुरानी SBI पासबुक मिली। पासबुक में करीब 1 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह पैसा परिवार को कैसे मिलेगा?

बैंक खाते में जमा रकम खाताधारक की मृत्यु के बाद भी सुरक्षित रहती है। अगर कोई व्यक्ति अपने खाते में पैसे छोड़कर दुनिया से चला जाता है और लंबे समय तक कोई दावा नहीं करता, तो यह रकम अनक्लेम्ड डिपॉजिट (Unclaimed Deposit) की श्रेणी में चली जाती है। हालांकि, सही प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार के वैध उत्तराधिकारी इस पैसे को वापस प्राप्त कर सकते हैं।

सबसे पहले करनी होगी खाते की जानकारी की पुष्टि

अगर आपको किसी पुराने बैंक खाते की पासबुक मिलती है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक शाखा में जाकर खाते की स्थिति की जानकारी लेनी होगी। बैंक खाताधारक का नाम, खाता संख्या, केवाईसी रिकॉर्ड और खाते में मौजूद राशि की पुष्टि करेगा।

अगर खाता लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो बैंक यह भी बताएगा कि खाता सक्रिय है या निष्क्रिय (Dormant) हो चुका है।

खाताधारक की मृत्यु के बाद कौन निकाल सकता है पैसा?

खाताधारक की मृत्यु के बाद खाते में जमा रकम निकालने का अधिकार उसके नॉमिनी (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) को होता है।

अगर खाताधारक ने बैंक खाते में किसी व्यक्ति को नॉमिनी बनाया है, तो प्रक्रिया आसान हो जाती है। नॉमिनी जरूरी दस्तावेज जमा कर बैंक से रकम प्राप्त कर सकता है।

वहीं, अगर खाते में नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो परिवार के सदस्यों को कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण देना पड़ सकता है।

पैसे वापस पाने के लिए जरूरी दस्तावेज

पुराने बैंक खाते की रकम क्लेम करने के लिए आमतौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:

  • खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • दावेदार का पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
  • बैंक पासबुक या खाते से जुड़ी जानकारी
  • नॉमिनी होने का प्रमाण (अगर लागू हो)
  • कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (यदि नॉमिनी नहीं है)
  • बैंक द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज

अगर पैसा अनक्लेम्ड डिपॉजिट में चला गया हो तो?

अगर खाते में 10 साल या उससे अधिक समय तक कोई लेन-देन नहीं हुआ है, तो बैंक इस रकम को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के Depositor Education and Awareness Fund (DEAF) में ट्रांसफर कर देता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैसा खत्म हो जाता है।

कानूनी दावेदार उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस राशि का दावा कर सकते हैं। बैंक दस्तावेजों की जांच के बाद रकम वापस करने की प्रक्रिया पूरी करता है।

पुराने खातों की जानकारी संभालकर रखें

बैंक विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार के सदस्यों को अपने बुजुर्गों के बैंक खातों, बीमा पॉलिसी और निवेश से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। कई बार जानकारी के अभाव में वर्षों तक पैसा बैंक खातों में पड़ा रहता है और परिवार को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती।

ऐसे में अगर घर में कोई पुरानी पासबुक, चेकबुक या बैंक दस्तावेज मिलते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। सही प्रक्रिया अपनाकर पुराने खातों में जमा रकम को वापस पाया जा सकता है।

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