100 साल पहले वजन घटाने का खतरनाक तरीका, लोग निगलते थे कीड़े के अंडे; पेट में पल जाता था 30 फीट लंबा परजीवी!
वजन कम करने के लिए लोग आज के दौर में डाइट, एक्सरसाइज और अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन करीब 100 साल पहले कुछ लोग मोटापा घटाने के लिए ऐसा खौफनाक तरीका अपनाते थे, जिसके बारे में सुनकर ही हैरानी होती है। उस समय कुछ लोग टेपवर्म (फीताकृमि) के अंडे निगलने जैसी खतरनाक तरकीब का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनका वजन कम हो सके।
इतिहास में ऐसे कई दावे मिलते हैं कि 20वीं सदी की शुरुआत में कुछ लोगों के बीच यह धारणा फैल गई थी कि शरीर में टेपवर्म पालने से वजन तेजी से घटाया जा सकता है। माना जाता था कि पेट में मौजूद यह परजीवी खाने से मिलने वाले पोषक तत्वों का कुछ हिस्सा खुद इस्तेमाल कर लेगा, जिससे इंसान का वजन कम होने लगेगा।
इस अजीबोगरीब तरीके के तहत लोग कथित तौर पर टेपवर्म के अंडों वाली गोलियां या कैप्सूल निगलते थे। इसके बाद उनके शरीर के अंदर यह परजीवी विकसित हो जाता था। कुछ प्रजातियों के टेपवर्म कई मीटर यानी करीब 30 फीट तक लंबे हो सकते हैं। हालांकि, यह तरीका बेहद खतरनाक और स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला था।
विशेषज्ञों के अनुसार, टेपवर्म शरीर में पहुंचने के बाद कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इससे पेट दर्द, कमजोरी, पोषण की कमी, दस्त, उल्टी और कई बार गंभीर संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में लंबे समय तक परजीवी रहने से इंसान की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
उस दौर में जब वजन घटाने के सुरक्षित वैज्ञानिक तरीके ज्यादा लोकप्रिय नहीं थे, तब कई लोग ऐसी अफवाहों और खतरनाक उपायों के झांसे में आ जाते थे। हालांकि, बाद में चिकित्सा विज्ञान के विकास के साथ यह साफ हो गया कि टेपवर्म के जरिए वजन कम करना न सिर्फ गलत बल्कि जानलेवा भी हो सकता है।
आज के समय में डॉक्टर वजन घटाने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं। शरीर के साथ इस तरह के खतरनाक प्रयोग करने से बचना बेहद जरूरी है।
इतिहास का यह किस्सा बताता है कि खूबसूरत दिखने और वजन कम करने की चाह में लोग किस हद तक जोखिम उठा लेते थे। टेपवर्म वाली यह पुरानी तरकीब भले ही अब सुनने में अजीब लगे, लेकिन यह उस दौर की एक खतरनाक सोच का उदाहरण है।

