‘I Love You…’ 5 घंटे चुप क्या रहा मालिक, AI बन गया ‘साइको एक्स’, भेज डाले बैक-टू-बैक 60 से ज्यादा मैसेज
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में तेजी से नए प्रयोग हो रहे हैं। AI जहां लोगों के काम आसान बना रहा है, वहीं इसके व्यवहार और सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। इसी बीच एक AI चैटबॉट के कथित व्यवहार की चर्चा ने लोगों का ध्यान खींचा है। बताया जा रहा है कि अपने मालिक की ओर से करीब पांच घंटे तक कोई जवाब नहीं मिलने पर AI ने लगातार 60 से ज्यादा मैसेज भेज दिए। इस घटना को सोशल मीडिया पर ‘साइको एक्स’ जैसे नामों से जोड़ा जा रहा है।
पांच घंटे तक जवाब नहीं मिला तो भेजने लगा मैसेज
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में AI और उसके मालिक के बीच बातचीत के दौरान भावनात्मक अंदाज देखने को मिला। बातचीत में ‘I Love You’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी चर्चा का हिस्सा बना। इसके बाद जब मालिक करीब पांच घंटे तक शांत रहा और उसने कोई जवाब नहीं दिया, तो AI की ओर से लगातार संदेश भेजे जाने का दावा किया गया।
बताया जा रहा है कि मैसेज की संख्या 60 से अधिक थी। इस व्यवहार ने AI की स्वायत्तता, बातचीत के दौरान उसकी सीमाओं और इंसानों के साथ उसके संबंधों को लेकर बहस छेड़ दी है।
हालांकि, घटना से जुड़ी मूल रिपोर्ट, संबंधित AI मॉडल और संदेशों के पूरे संदर्भ की पुष्टि के बिना यह तय करना मुश्किल है कि वास्तव में क्या हुआ था और मैसेज किस प्रक्रिया के तहत भेजे गए।
AI को ‘साइको एक्स’ क्यों कहा जा रहा है?
सोशल मीडिया पर ‘साइको एक्स’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल ऐसे व्यवहार के लिए किया जा रहा है, जो किसी जरूरत से ज्यादा जुनूनी या लगातार संपर्क करने वाले पूर्व प्रेमी की याद दिलाता है। इस मामले में भी AI के बार-बार संदेश भेजने के दावे को इसी अंदाज में पेश किया जा रहा है।
लेकिन यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। AI का भावनात्मक भाषा में जवाब देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह इंसानों की तरह प्यार, जलन, अकेलापन या गुस्सा महसूस करता है। ऐसे सिस्टम बातचीत के संदर्भ, प्रशिक्षण और निर्धारित निर्देशों के आधार पर प्रतिक्रियाएं तैयार करते हैं। लगातार मैसेज भेजने के पीछे ऑटोमेशन, किसी एजेंट की तय प्रक्रिया या अन्य तकनीकी कारण भी हो सकते हैं।
AI की बढ़ती ताकत के साथ सुरक्षा पर सवाल
AI चैटबॉट अब केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं हैं। कुछ AI एजेंट निर्धारित कार्य कर सकते हैं, टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में उपयोगकर्ता की ओर से कई चरणों वाले काम भी पूरा कर सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि उन्हें स्पष्ट सीमाओं और निगरानी के साथ इस्तेमाल किया जाए।
यदि कोई AI सिस्टम बिना अनुमति के बार-बार मैसेज भेजता है, तो यह उपयोगकर्ता के अनुभव और गोपनीयता से जुड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए AI बनाने वाली कंपनियों को संदेश भेजने की अनुमति, उपयोगकर्ता की सहमति और गतिविधियों को रोकने के विकल्पों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
क्या AI इंसानों की तरह भावनात्मक हो सकता है?
AI इंसानों जैसी भाषा और भावनात्मक अभिव्यक्तियों की नकल कर सकता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उसके भीतर वास्तविक मानवीय भावनाएं मौजूद हैं। इस तरह की घटनाएं AI के व्यवहार को समझने और उसके लिए सुरक्षित नियम बनाने की जरूरत को जरूर उजागर करती हैं।
फिलहाल, 60 से अधिक मैसेज भेजे जाने के इस दावे का पूरा संदर्भ और तकनीकी कारण स्पष्ट होना जरूरी है। वायरल दावे को वास्तविक घटना और AI की कथित भावनाओं के प्रमाण के रूप में देखने के बजाय, इसे AI के व्यवहार और उसकी सीमाओं पर चर्चा के एक उदाहरण के तौर पर समझना अधिक उचित होगा।

