देवभूमि उत्तराखंड में घूमने के लिए कई जगहें हैं। उत्तराखंड के दीवाने सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी भी हैं। हरद्वार, ऋषिकेश, लैंसडाउन और देहरादून के बारे में तो सभी जानते हैं। लेकिन यहां हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। ये जगह पिथौरागढ़ में है।
इस जगह का नाम धारचूला है। ये नेपाल बॉर्डर पर स्थित है। आपको बता दें कि ये जगह पिथौरागढ़ से करीब 95 किलोमीटर दूर है। धारचूला के पश्चिम में बर्फ से ढकी पंचचूली चोटियां इस जगह को जोहार घाटी से अलग करती हैं। लेकिन यहां पहुंचना आसान नहीं है। तो चलिए आपको बताते हैं कि इस ऑफबीट जगह पर कैसे जाएं।
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धारचूला एक ऐसा स्थान है जो दो देशों में बंटा हुआ है। भारत में इस स्थान को धारचूला और नेपाल में स्थित स्थान को धारचूला कहा जाता है। दोनों देशों के बीच काली नदी बहती है। दोनों देशों को जोड़ने के लिए यहां एक पुल भी बनाया गया है। आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर यात्रा यहीं से गुजरती है। धारचूला ही वह स्थान है जहां इस क्षेत्र का आखिरी पेट्रोल पंप है। यह स्थान लद्दाख से भी ज्यादा खूबसूरत है।
अगर आप धारचू जा रहे हैं तो जौलजीबी भी जरूर जाएं। यह बेहद खूबसूरत जगह है। यह स्थान श्वेत और काली नदियों के संगम के लिए मशहूर है। नवंबर के महीने में आयोजित होने वाले सालाना मेले के दौरान यहां काफी भीड़ उमड़ती है।
इस स्थान पर भारत और नेपाल को जोड़ने वाला एक पुल भी बना हुआ है। यह पुल सुबह खुलता है और शाम 6 बजे बंद हो जाता है। इस दौरान दोनों देशों के लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पुल बंद होने के बाद आपको उसी देश में रात गुजारनी होगी।
लेकिन यहां पहुंचना आसान नहीं है। यहां आने के लिए आपको पहले परमिट लेना होगा। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से परमिट ले सकते हैं।

