ट्यूलिप फेस्टिवल में जा रहे हैं तो श्रीनगर की इन जगहों को भी करें एक्स्प्लोर
श्रीनगर जिसे “धरती का स्वर्ग” कहा जाता है, अपनी खूबसूरती, झीलों और हरी-भरी घाटियों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। लेकिन जब बात ट्यूलिप महोत्सव की आती है तो शहर और भी अधिक आकर्षक हो जाता है। इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन, जो एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है। यह महोत्सव हर वर्ष मार्च-अप्रैल में आयोजित किया जाता है। इस दौरान हजारों रंग-बिरंगे ट्यूलिप खिलते हैं, जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
यदि आप श्रीनगर में ट्यूलिप महोत्सव देखने जा रहे हैं, तो सिर्फ ट्यूलिप गार्डन तक ही सीमित न रहें। इस खूबसूरत शहर में घूमने के लिए और भी कई अद्भुत जगहें हैं, जो आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी। आइए जानते हैं श्रीनगर की बेहतरीन जगहों के बारे में, जिन्हें आप ट्यूलिप फेस्टिवल के दौरान जरूर देख सकते हैं।
डल झील को श्रीनगर का हृदय माना जाता है। यहां की शिकारा सवारी और हाउसबोट (हाउसबोट) का अनुभव हर किसी को करना चाहिए। शिकारे पर बैठकर झील के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। झील के किनारे बने लकड़ी के हाउसबोट में रहना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। यहां का तैरता बाजार देखने लायक है, जहां आप बहुत सारी चीजें खरीद भी सकते हैं।
अगर आपको ट्यूलिप गार्डन पसंद है तो निशात बाग जरूर जाएं। यह एक मुगल उद्यान है, जिसका निर्माण 1633 में हुआ था। इस उद्यान में 12 खूबसूरत छतें हैं, जहां से डल झील और हिमालय का दृश्य दिखाई देता है। हर तरफ बहते बगीचे, खूबसूरत फव्वारे और हरी घास आपका मन मोह लेंगे। यहां बैठकर झील और पहाड़ों का शानदार नजारा देखना आपको एक अलग एहसास देगा।
यदि आप श्रीनगर में आध्यात्मिक शांति का अनुभव करना चाहते हैं तो आपको शंकराचार्य मंदिर अवश्य जाना चाहिए। यह मंदिर 200 ईसा पूर्व में बनाया गया था और यह भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर की ऊंचाई से पूरे श्रीनगर शहर और डल झील का 360 डिग्री का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। यहां की शांति और सकारात्मक ऊर्जा एक अनोखा अनुभव देती है।
परी महल का अर्थ है "परियों का महल" और यह वास्तव में किसी परीलोक से कम नहीं लगता। इसका निर्माण शाहजहाँ के पुत्र दारा शिकोह ने 17वीं शताब्दी में करवाया था। यहां से श्रीनगर और डल झील का सूर्यास्त का दृश्य बहुत सुंदर दिखता है। यह स्थान फोटोग्राफी और आराम के लिए एकदम उपयुक्त है।

