अगर आप भी विश्व प्रसिद्ध शनिवार वाडा फोर्ट की डरावनी कहानियों के बारे में जानना चाहते हैं तो आइए जानते हैं।
शनिवार वाडा महाराष्ट्र के पुणे का एक प्रसिद्ध महल है। यह पेशवाओं शासन काल और शिवाजी महाराज के युग की महिमा का बखाना करता है।
शनिवार वाडा फोर्ट का निर्माण 18वीं शताब्दी में बाजीराव प्रथम द्वारा बनवाया गया था उन्हें मराठा शासक- छत्रपति साहू के पेशवा या प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया था।
जिस तरह यह फोर्ट पेशवाओं की महिमा का बखान करता है ठीक उसी तरह भारत के सबसे डरावने किलों में से एक के रूप में भी जाना जाता है।
ताया जाता है कि पूर्णिमा की रात को यहां अलौकिक गतिविधि बहुत ज्यादा होती है। यहां रात के समय आत्मा यहां भटकती है और रात के समय ही किले से चीखने की आवाजें भी सुनाई देती रहती है।
शनिवार वाडा फोर्ट के बारे में कहा जाता है कि सूरज ढलते ही इस फोर्ट के आसपास भी कोई घूमने या भटकने की हिम्मत नहीं करता है।
अगर आप शनिवार वाडा घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच जा सकते हैं। 4 बजे के बाद डर के चलते यहां कोई भी घूमने नहीं जाता है।
लगभग 1791 में पहली बड़ी आग ने किले के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नष्ट कर दिया था। फिर 1808 में अगले विस्फोट ने महल में सभी आवश्यक कलाकृतियों और दस्तावेजों को जला दिया।
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