रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 दिसंबर को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह दिन ऐतिहासिक होगा। इसी बीच एक मुस्लिम लड़की चर्चा में है, जो बजरंगबली का ध्वज लेकर मुंबई से पैदल अयोध्या जा रही है।
राम लला के दर्शन करने जा रही शबनम बुर्का पहने और हिजाब लगाए इस लड़की का नाम शबमन है, जो राम-नाम का जप करते हुए राम लला के दर्शन के लिए पैदल चलती जा रही है।
शबनाम के हाथ में बजरंगबली की ध्वज शबनम के पीठ पर बैग लदा है तो एक हाथ में उसने बजरंगबली की ध्वज पकड रखा है। जो भी कोई बुर्का पहने इस लड़के के हाथ में भगवा ध्वजा देखता है तो वह आश्चर्यचकित रह जाता है।
शबनम के पीठ पर राम की तस्वीर शबनम के पीठ पर बैग लदा है तो एक हाथ में उसने बजरंगबली की ध्वज पकड रखा है। जो भी कोई बुर्का पहने इस लड़के के हाथ में भगवा ध्वजा देखता है तो वह आश्चर्यचकित रह जाता है
1425 किलोमीटर दूरी पैदल चलेंगी शबनम को 1425 किलोमीटर की दूरी तय करनी है, लेकिन उसके चेहरे पर थकान नहीं दिखती। वो कहती है कि उसे मुस्लिम होने पर गर्व है। कहती है- राम की पूजा के लिए हिंदू होना जरूरी नहीं है।
शबनम भगवान श्रीराम की भक्त हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी फैन हैं। शबनम बताती हैं वो लगातार पीएम मोदी को फॉलो करती हूं।
करीब 453 KM की पैदल यात्रा करते हुए शबनम मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की सीमा से लगे मुंबई-आगरा नेशनल हाइवे स्थित जुलवानियां गांव पहुंची. यहां हिंदू-मुस्लिम दोनों समाज के लोगों ने उसका जमकर स्वागत किया. जुलवानिया से अयोध्या के लिए शबनम को अभी लगभग 1150 KM का सफर तय करना बाकी है.
शबनम शेख ने कहा मुझे मुस्लिम होने पर गर्व है, लेकिन मैं रामजी को भी मानती हूं. रामजी सिर्फ हिंदुओं के ही नहीं बल्कि दुनिया के हैं. उन्हें मानने के लिए हिंदू होना जरूरी नहीं है, एक अच्छा इंसान होना जरूरी है, साफ दिल होना चाहिए.