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Noida  पति के साथ लिफ्ट में 50 मिनट तक फंसी रही गर्भवती
 

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       उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क !!!

ग्रेटर नोएडा वेस्ट गौर सिटी दो की प्रिस्टीन एवेन्यू सोसायटी में गर्भवती महिला अपने पति के साथ 50 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला जा सका। पीड़ित स्वजन व सोसायटी के लोगों ने आक्रोश जताते हुए मामले की शिकायत बिल्डर प्रबंधन से की है। निवासियों का आरोप है कि लिफ्ट को लेकर रखरखाव प्रबंधन बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता। आए दिन लिफ्ट में तकनीकी खामी आ जाती है, जिसका खामियाजा निवासी भुगतने को मजबूर हैं।

प्रिस्टीन एवेन्यू के डी टावर फ्लैट संख्या 1403 में पंकज गुप्ता अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। शनिवार को वे अपनी गर्भवती पत्नी अंकिता को अस्पताल लेकर गए थे। अस्पताल से लौटने के बाद कार पार्किंग में कर वे फ्लैट में जाने के लिए पत्नी के साथ लिफ्ट में सवार हुए, लेकिन लिफ्ट माइनस टू से ग्राउंड फ्लोर के बीच में ही रुक गई। इस दौरान उन्होंने लिफ्ट में लगे आपातकालीन बटन का प्रयोग कर रखरखाव प्रबंधन को जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन बटनों ने काम नहीं किया। जिसके बाद उन्होंने मोबाइल से लिफ्ट में फंसे होने की सूचना अपने सगे संबंधियों व दोस्तों को दी। साथ ही सोसायटी के वाट्सएप ग्रुप पर भी मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर निवासियों के साथ रखरखाव प्रबंधन के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। पंकज गुप्ता ने बताया कि रखरखाव प्रबंधन की टीम में कोई लिफ्ट टेक्नीशियन नहीं था। करीब 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला जा सका। पंकज गुप्ता ने बताया कि लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। दम घुटने की वजह से उनकी तबीयत भी बिगड़ने लगी थी। घटना के बाद से सोसायटी के लोगों में आक्रोश है। बिल्डर की कार्यशैली पर उठाया सवाल : गर्भवती महिला के लिफ्ट में फंसने की घटना के बाद से सोसायटी की महिलाओं में खासा आक्रोश है। सोसायटी की महिलाओं का आरोप है कि रखरखाव के नाम पर उनसे हर महीने हजारों रुपये वसूले जाते हैं। सोसायटी में लिफ्ट टेक्नीशियन का न होना बिल्डर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है। पिछले 20 दिनों में दो परिवार पहले भी लिफ्ट में फंस चुके हैं। निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि लिफ्ट की तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो निवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में रखरखाव प्रबंधक हरीश से दूरभाष के जरिये संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन स्विच आफ ही रहा।

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