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Meerut  मेरठ में गरमाई कांग्रेसी सियासत

Angry cow attacked firefighter, see what happened next in the video
उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क  !!!सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि,सियासत में 2 दशक की लंबी पारी खेलने के बाद कांग्रेस को अलविदा कहने वाले रमेश ढींगरा को पार्टी नेता स्वार्थी कह रहे हैं। पुराने कांग्रेसियों का कहना है निजी हित साधने के लिए रमेश ढींगरा ने पार्टी छोड़ी, लेकिन बदनाम पार्टी की विचारधारा को कर रहैं। जिस पार्टी से 4 बार चुनाव लड़ा उसमें कमियां निकाल रहे हैं।

मेरठ में रविवार को नेता रमेश ढींगरा ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कांग्रेस छोड़ने की वजह पार्टी का अपने उद्देश्यों से भटकना है। रमेश धींगड़ा के इस बयान के बाद कांग्रेसी नेताओं में उबाल है, पार्टी नेताओं ने धींगड़ा पर निशाना साधते हुए इसे निजी हित का कदम कहा है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और पीसीसी सदस्य कृष्ण कुमार किशनी कहते हैं मेरे कार्यकाल में धींगड़ा ने चुनाव लड़े मगर जीते नहीं। इनका अपना कोई वोट बैंक नहीं है। ये कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं केवल व्यापारी रहे हैं। सिर्फ चुनाव लड़ने पार्टी में आते थे। किसी कार्यक्रम में कभी सक्रिय नहीं रहे। अब इनको लगता है कि व्यापारिक हित कांग्रेस में चल नहीं रहा। धींगड़ा 3 महीने से भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे थे। पार्टी तो छोड़ दी, योगीजी, मोदीजी की तारीफ भी कर दी इससे साफ है कि भाजपा में जाना चाहते हैं। भाजपा इन्हें स्वीकार भी नहीं करेगी।मीडिया रिपेार्ट के अनुसारकृष्ण कुमार ने रमेश पर आरोप लगाया कि इन्हें होटल चलाना है, कुछ राजनीतिक दल लगातार उन पर दवाब बना रहे हैं। कभी इनका होटल बंद होता है, कभी इनका बार बंद कर दिया जाता है। होटल चलाने के लिए दूसरे दल के साथ जा रहे हैं। पंजाबी समाज ने इनको वोट नहीं दी। हमेशा इनका वोट बैंक भी गिरता गया। आम कार्यकर्ता अब खुश हैं कि उसे टिकट मिलेगा। कभी इनको पार्टी ने पद नहीं दिया।

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