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noida  एसआइटी के बाद सुपरटेक पर ईडी की तलवार, प्राधिकरण के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ जारी हो सकता है लुकआउट नोटिस

Take home this electric bike on EMI of around Rs 1200, will run 100 km on full charge
उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क !!!सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि,आम्रपाली, यूनिटेक, थ्री सी के बाद नोएडा की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक की मुसीबत बढ़ने जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसियों का शिकंजा इन पर कसने लगा है। सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के दोनों टावर एपेक्स-सियान को गिराने को लेकर एसआइटी जांच के बाद अब बिल्डर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू कर सकता है।

सूत्रों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने तमाम परियोजनाओं में लगे बायर्स के पैसे को इधर-उधर कंपनियों में शिफ्ट कर दिया। विदेश में बनाई गई कई कंपनियों में पैसा ट्रांसफर हुआ है।

सूत्र की मानें तो जल्द सुपरटेक एमडी समेत प्राधिकरण के उच्च पद पर तैनात रहे पूर्व अधिकारियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर सकता है, जिससे कंपनी के एमडी समेत अधिकारी भी बाहर न जा सके। ताकि जांच के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो।खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि, इसमें प्रवर्तन निदेशालय नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी व बोर्ड के सदस्यों से पूछताछ कर सकता है। प्राधिकरण में जो भी नीति निर्धारण की जाती है, उसमें बोर्ड की सहमति होना जरूरी है।

सूत्रों के मुताबिक यूनिटेक व आम्रपाली के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी सुपरटेक है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय की ओर से प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत होने जा रही है। इससे पहले यूनिटेक और आम्रपाली की जांच की है, जिसमें यूनिटेक और आम्रपाली के मालिक जेल में बंद चल रहे है।

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