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12 साल बाद कानपुर जू में घड़ियालों की किलकारी, पहली सफल ब्रीडिंग से 15 बच्चों का जन्म

12 साल बाद कानपुर जू में घड़ियालों की किलकारी, पहली सफल ब्रीडिंग से 15 बच्चों का जन्म

कानपुर प्राणी उद्यान (जू) के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 12 साल के लंबे इंतजार के बाद यहां घड़ियालों की पहली सफल ब्रीडिंग हुई है। इस ब्रीडिंग से 15 बच्चों का जन्म हुआ है, जिससे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

2017 में रेस्क्यू किए गए जोड़े से मिली सफलता

जू प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2017 में रेस्क्यू कर लाए गए घड़ियाल के एक जोड़े को संरक्षण के तहत रखा गया था। लंबे समय तक निगरानी और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के बाद इस जोड़े ने अंडे दिए। अंडों से 15 बच्चों का जन्म हुआ, जो कानपुर जू के इतिहास में पहली सफल घड़ियाल ब्रीडिंग मानी जा रही है।

17 पहुंची घड़ियालों की संख्या

अब तक चिड़ियाघर में घड़ियाल का केवल एक जोड़ा मौजूद था। नए बच्चों के जन्म के बाद यहां घड़ियालों की कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बच्चों की संख्या और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

संरक्षण के लिए बड़ी उपलब्धि

घड़ियाल दुनिया के सबसे संकटग्रस्त सरीसृपों में गिने जाते हैं। ऐसे में चिड़ियाघर में उनकी सफल ब्रीडिंग वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भविष्य में घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रमों को और मजबूती मिलेगी।

विशेष निगरानी में रखे गए नवजात

जू प्रशासन ने सभी नवजात घड़ियालों को विशेष निगरानी में रखा है। उनके खानपान, स्वास्थ्य और विकास पर विशेषज्ञों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके।

वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह

घड़ियालों के बच्चों के जन्म की खबर सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल है। जू प्रशासन का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल कानपुर जू बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

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