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कंस्ट्रक्श्न कंपनी के एमडी ने कराई थी NHAI एडवाइजर की हत्या, इस बात से था नाराज

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समाचार न्यूज डेस्क,  जयपुर के राजेंद्र चावला के हत्यारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर 7 दिन के रिमांड पर भेजा है। इस बीच हत्यारों ने चौका देने वाले खूलासे कीए है। बता दें कि जयपुर के वैशाली नगर में एनएचएआई के रिटायर्ड अधिकारी व सलाहकार राजेंद्र चावला की हत्या 26 अगस्त को मुख्य शूटर रामधिया ने कर दी थी। गिरफ्तधारी के बात मुख्य आरोपी ने पुलिस को बताया की उन्होने हत्या के पाप को दोने के लिए हरिद्वार में स्नान के लिए गए थे और वहां पर कुछ दिन रूके। आरोपियो ने पुलिस को ये भी बताया की उन्होने बताया की पहली बार जब किसी को हत्या की तो उन्हे लगा की उनसे बड़ा पाप हो गया है। इस पाप का पश्छ्यताप करने के लिए वो हरिद्वार चले गए और गंगा में डूबकी लगाई। इसके बाद दोनो ने अपने मोबाइलफोन बंद कर दिए और अलग हो घए। दूसरे शूटर धर्मेंद्र को पुलिस ने छह सितंबर को कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

डमी पर प्रैक्टिस के बाद आए थे जयपुर

इस मामले में पुलिस के मुताबिक बताया जा रहा है कि आरोपियो ने पहले इस मर्डर की डमी प्रैक्टिस की थी ताकि दूर से निशाना नहीं चुक जाए। प्रैक्टिस करने के बाद उन्होनो आर के चावला पर गोली चलाई और इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया की हत्या के बाद दोनों पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलते रहे। आरोपी धर्मेंद्र ने 10 दिन से कपड़े तक नहीं बदले थे।

जयपुर पुलिस ने सलाहकार राजेंद्र चावला की हत्या के मामले में हरियाणा के पानीपत के उरलाना कलां निवासी शेर सिंह पुत्र शूटर रामधिया (28) को गिरफ्तार किया है. इससे पूर्व धर्मेंद्र (27) पुत्र मंगेराम निवासी उरलाना कलां, पानीपत हरियाणा, कंपनी मालिक करणदीप श्योरन (29) पुत्र राजेंद्र श्योराण निवासी साकेत कॉलोनी हिसार वर्तमान किराएदार गुरुग्राम, नवीन बिसला (31) पुत्र कर्मवीर निवासी ग्राम उरलाना पानीपत हरियाणा, विकास (33) पुत्र गजे सिंह निवासी हिसार सिटी हॉल किराएदार गुरुग्राम, अमित नेहरा (26) पुत्र राजवीर नेहरा निवासी आलमपुर भिवानी हरियाणा हाल ही में किराए के गोल्फ सेक्टर 65 गुरुग्राम हरियाणा को गिरफ्तार किया गया।

गुरुग्राम से जयपुर मीटिंग में शामिल होने आया

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया की दोनो आरोपी जयपुर आए थे। क्योंकि आरके एक मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए हरियाणा से जयपुर के वैशाली नगर में रूके थे. मीटिंग के बाद जैसे वो बाहर निकलते तो दोनो आरोपियो ने फायर कर दिया जिसके बाद आरके चावला की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने मामले का पता लगाने के लिए जयपुर के करीब 500 सीसीटीवी फूटजे की चांज की तब सामने आया की दोनो शुटर फायर करने के बाद काली गाड़ी में फरार हो दए है। पुलिस ने संदेह के आधार पर कंपनी के ठेकेदारों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की।

3.5 करोड़ रुपए की पेनल्टी से नाराज

कंपनी जयपुर-गुरुग्राम हाईवे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा नहीं कर पाई। तब सलाहकार आरके चावला ने कंपनी पर 3.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। करणदीप ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मांगा था। चावला ने समय पर काम पूरा करने की बात कही थी। इससे करणदीप काफी नाराज हो गए। इसलिए बैठक का आयोजन जयपुर में किया गया। चावला को रास्ते से हटाने के लिए उन्हें 15 लाख रुपये में सुपारी दी गई।

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