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Barmer कक्षा 1 से 8वीं तक की परीक्षा के लिए शिक्षक खुद बच्चों के घर पहुंच रहे और हल कराकर वापस भी ला रहे

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पहले स्टूडेंट्स को परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र तक जाना पड़ता था लेकिन, अब शिक्षक खुद प्रश्न-पत्र लेकर कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों की परीक्षा लेने के लिए उनके घर जा रहे हैं। इतना ही नहीं पूरा पेपर सोल्व करवाकर कॉपी भी ला रहे है।  क्योंकि तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूल खोलने की इजाजत नहीं दी है।वउनकी परीक्षा इसलिए ली जा रही है की बिना स्कूल आए अगली कक्षा में प्रमोट न करना पड़े। हल किए गए प्रश्न पत्र के साथ अध्यापक छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए रफ वर्क की कॉपी भी जुटाएंगे। इसे बच्चे के पोर्टफोलियो में लगाया जाएगा। मूल्यांकन के लिए निदेशालय आंसर की जारी करेगा।

अंकों को शाला दर्पण मॉड्यूल पर 16 सितंबर तक अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि इस प्रकार हर माह बच्चों के टेस्ट लिए जाएंगे। ताकि बच्चों में पढ़ाई की भावना बनी रहे और शिक्षकों में बच्चों को अच्छे से पढ़ाने का जोश आए। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निर्देश पर 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कक्षा 9 से 12 वीं तक के स्कूल खोले जा चुके हैं। इन विद्यार्थियों के टेस्ट स्कूल में ही लिए जा रहे हैं। हालांकि इन बच्चों के लिए भी ऑनलाइन पढा़ई का विकल्प जारी रखा गया है।

10 वीं तक सभी विषयों का एक पेपर 20 अंकों का होगा

पहली कक्षा से लेकरसभी विषयों का एक ही समेकित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया । कपहले टेस्ट के दौरान प्रत्येक विषय में 20 प्रश्न शामिल किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का है। सभी प्रश्न बहुवैकल्पिक हैं। इस तरह कुल 20 अंकों का पेपर रहेगा।क्षा 11 और 12 के लिए हिंदी एवं अंग्रेजी अनिवार्य का एक प्रश्नपत्र एवं ऐच्छिक विषयों के प्रश्नपत्र अलग-अलग हैं। गैर बोर्ड कक्षाओं के लिए पहले टेस्ट में प्राप्त अंकों का वेटेज कुल अंकों का 10 प्रतिशत और बोर्ड कक्षाओं के लिए पहले टेस्ट में प्राप्त अंकों का वेटेज कुल अंकों का 20 प्रतिशत रहेगा।

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