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Chittorgarh गंभीरी एक फीट और मोरवन बांध सिर्फ आधा फीट खाली, मानसून 7 दिन और सक्रिय रहेगा

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राजस्थान न्यूज डेस्क| जिले में सुखद दौर मानसून का जारी है।बांध ओराई भी  मानसून के  दौर में छलक गया है। ओराई बांध  सिंचित करता है  चित्तौड़गढ़ के साथ भीलवाड़ा जिले को। सिर्फ एक फीट सर्वाधिक जलग्रहण क्षमता वाला गंभीरी बांध खाली रहा है।  सोमवार देर रात में बेगूं क्षेत्र का ओराई बांध भी छलक गया। इससे बेगूं-पारसोली के साथ समीपवर्ती भीलवाड़ा जिले के कमांड एरिये में भी खुशी की लहर दौड गई।उल्लेखनीय है कि ओराई का ओवरफ्लो पानी चित्तौड़ तहसील के बस्सी बांध में आता है। हालांकि यह बांध इससे पहले सोमवार दोपहर को ही लबालब हो गया था।  ओराई की नहरों से दोनों जिलों के निकटवर्ती गांवों के खेतों के रबी सीजन को पानी मिलता है। उल्लेखनीय है कि ओराई का ओवरफ्लो पानी चित्तौड़ तहसील के बस्सी बांध में आता है। हालांकि यह बांध इससे पहले सोमवार दोपहर को ही लबालब हो गया था।

गंभीरी बांध  मंगलवार शाम तक 22 फीट  मानसून के कारण पानी की आवक बनी हुई है। गंभीरी बांध चित्तौड़गढ़ व निम्बाहेड़ा क्षेत्र के कई गांवों की लाइफलाइन है।बड़ी संख्या में ग्रामीण बांध की जलराशि देखने पहुंचने लगे।  35.98 प्रतिशत जिले के कुल सिंचाई बांधों में जल भंडारण हो गया है।   एक दिन में करीब 1 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। इधर, जिले में बरसात का दौर कुछ धीमा पड़ा मगर बंद नहीं हुआ। शहर में मंगलवार को दिनभर सूखे के बाद शाम को बादल छाए व बूंदाबांदी भी हुई। सुबह से शाम 5 बजे के बीच चित्तौड़गढ़ व गंभीरी बांध पर 3-3 मिमी बारिश हुई। जिले में मंगलवार सुबह तक कुल 648.73 मिमी बारिश हो चुकी थी। जो कुल सीजन का 86.50 प्रतिशत है।

छतीसगढ़-उड़ीसा से मप्र होकर आने वाला है एक और चक्र, गंभीरी छलकने की उम्मीद

राधेश्याम शर्मा मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक के अनुसार  मानसून तंत्र का वर्तमान में छत्तीसगढ़ व उड़ीसा क्षेत्र के ऊपर एक अंत्यत कम दबाव  बना हुआ है। मानसून बढ़ने की प्रबल संभावना छतीसगढ़ व मप्र होते हुए पूर्वी राजस्थान में आगामी 48 घंटे में आने की संभावना है।इस नए सिस्टम का असर बुधवार से पड़ना शुरू होगा। पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर भागों में 5-7 दिन मानसून सक्रिय रहेगा। यदि पश्चिम मप्र व पूर्वी राजस्थान में इसके कैचमेंट एरिये में ज्यादा बारिश होती है तो बांध से बड़ी जलराशि भी ओवरफ्लो हो सकती है। इससे शहर में गंभीरी नदी का जलस्तर भी बढ़ेगा।

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